जोढन आगज़नी परिवारों को पांच दिन बाद भी नहीं मिली फ़ौरी राहत : भुपेन्द्र
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के जोढन गांव में 29 मई की रात को आग लगने से दो परिवारों के मकान पूरी तरह जल कर राख हो गए थे। लेकिन इन परिवारों को पांच दिन बाद भी प्रशासन फौरी राहत उपलब्ध नहीं करवा पाया है। यही नहीं बर्षा से घर ढकने के लिए तिरपाल तक नहीं दिए गए हैं। जिसकी पूर्व ज़िला पार्षद भुपेन्द्र सिंह ने कड़ी निंदा की है और जल्दी राहत देने की मांग की है। उन्होंने आज जब प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तब ये पता चला कि उन्हें किसी भी प्रकार की मदद नहीं दी गई है हालांकि 30 मई को स्थानीय विधायक ने यहाँ पर जाकर दौरा किया था बाबजूद उसके इन्हें कोई राहत नहीं मिली है जो बहुत ही चिंता और निंदा की बात है कि ऐसे मामलों में भी प्रसाशन उदासीन है और विधायक भी कोई मदद नहीं दिलवा पाये हैं।हालांकि स्थानीय स्वयं सहायता समूहों,महिला मण्डलों और ग्रामीण तथा रिस्तेदार तो मदद कर रहे हैं लेकिन सरकार और प्रशासन उदासीन बना हुआ है। भुपेन्द्र सिंह ने बताया कि केशव राम, हरिचंद और ओंकार सिंह ने वर्ष 1985 में यहां पर कच्चे मकान बनाये थे।जिनमें से केशव और ओंकार के मकान 29 मई को रात को रसोई गैस सिलेंडर के लीक होने के कारण आग भड़क गई थी जिसमें इनके बिस्तर से लेकर बर्तन तक जल गये हैं।लेकिन यहां का प्रशासन औऱ विधायक अभी तक कोई राहत नहीं दे पाये हैं।
सरकारी भूमि पर थे मकान तभी नहीं मिला मुआवजा: एसडीएम
इस संदर्भ में एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा ने कहा कि मुआवजा क्यों नहीं मिला उन्होंने इस बारे में तहसीलदार धर्मपुर से जांच करवाई उन्होंने रिपोर्ट दी है कि उक्त मकान सरकारी भूमि पर बनाए गए थे जिसके कारण इन्हें मुआवजा नहीं दिया जा सकता है।












