राज्य को देश का बेहतर आईटी हब बनाने की पहल: मुख्यमंत्री
हिमाचल प्रदेश में ड्रोन ईको सिस्टम जल्द धरातल पर उतरेगा। हर क्षेत्र में ड्रोन प्रणाली को विकसित करने के प्रयास हो रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी में कुशल कार्यबल की मांग बढऩे लगी है, जिसे ड्रोन प्रणाली के तहत पूरी करने की तैयारी चल रही है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस विजन पर काम करने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और वह इस तकनीक के विशेषज्ञों से लगातार फीडबैक हासिल कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुशल कार्यबल की मांग दिनप्रतिदिन बढ़ रही है। इसी के दृष्टिगत समग्र ड्रोन इको सिस्टम की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन प्रौद्योगिकी कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा सकती है। ग्रीन हिमाचल विजन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में ड्रोन प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने की कोशिश हो रही है। मौजूद वित्त वर्ष के दौरान लोगों को ड्रोन टैक्सी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार द्वारा कार्य योजना बनाई जा रही है, इससे प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के कृषि उत्पाद और दवाइयां इत्यादि की आपूर्ति करने में सहायता मिलेगी। ड्रोन टैक्नोलॉजी इंटरवेंशन से कृषि और बागवानी क्षेत्रों में आधुनिकीकरण के दृष्टिगत जिला हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा में ड्रोन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवीन तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो करोड़ रुपए के इनोवेशन फंड की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवा अपनी नवाचार पहलों को साकार रूप प्रदान कर सकेंगे। जिला बिलासपुर के घुमारवीं में सार्वजनिक निजी भागीदारी व सैल्फ फाइनांसिंग आधार पर डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, इंटरप्रेन्योरशिप, स्किल एंड वोकेशनल स्ट्डीज की स्थापना की जाएगी। इस यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवाओं के नवाचार और इंटरप्रेन्योरशिप स्किल को निखारा जाएगा।
243 युवाओं ने लिया ड्रोन प्रशिक्षण
ड्रोन प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से वर्ष 2024-25 में राज्य के 243 युवाओं ने ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण हासिल किया है और अब वह ड्रोन के माध्यम से कई कार्य करने में सक्षम हैं। युवाओं को ड्रोन प्रौद्यागिकी में दक्ष बनाने के साथ-साथ अब राज्य में न्यू एज पाठ्यक्रमों का समावेश भी किया जा रहा है। इस दिशा में जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और डाटा सांइस का नया महाविद्यालय, जिला शिमला के प्रगति नगर में अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग डिग्री कोर्स, जिला मंडी के राजकीय पॉलिटेक्निकल सुन्दरनगर में क्प्यूटर सांइस एवं इंजीनियरिंग (एआई एंड मशीन लर्निंग) का डिप्लोमा कोर्स शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की है। इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित जाएगी।












