चौहार घाटी व छोटाभंगाल घाटी में पर्यटकों की आमद बढ़ी
चौहार घाटी व छोटाभंगाल घाटी में गत लगभग दो सप्ताह से दिन को किसी भी समय बारिश होने के बाद अब दो दिन से आसमान में बेशक बाद छाए रहने के बावजूद भी दोनों घाटियों में गर्मी की तेज तपिश हो गई है। दोनों घाटियों में आजकल न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस तापमान आंका गया है, मगर उसके बावजूद भी गत दो दिन से निचले क्षेत्रों में इससे ज्यादा ही जानलेवा गरमी बढ़ जाने से दोनों घाटियों में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, ऊना हमीरपुर, पालमपुर बैजनाथ जोगिन्द्रनगर, मंडी आदि क्षेत्रों से सैंकडों की संख्या में पर्यटक पधारे हुए हैं। जिस कारण दोनों घाटियों में स्थित सैकंडों रेस्ट होउस, होम स्टे, गेस्ट हाउस व कैंपिंग गत दो दिन से ही पूरी तरह से बुक हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां पर होटल, रेस्ट हाउस, होम स्टे, गेस्ट हाउस तथा कैंपिंग में पांच सौ से पांच हजार रुपए तक प्रति कमरे बुक किए जा रहे हैं, वहीं कमरे न मिलने के कारण कई पर्यटक शाम को ही वापिस हो रहे हैं, तो कई पर्यटक दुकानों और स्थानीय लोगों के घरों में 200 से 400 रुपए देकर ठहर रहे हैं। इसके अलावा ठंडे पानी की मछली एक हज़ार से पन्द्रह सौ रूपये और मत्स्य फार्म की ट्राउट छह सौ रुपए प्रति किलो बिक रही है। होटल व्यवसायी तथा अन्य व्यवसायी तथा स्थानीय गांववासी यहां पर बहने वाली ऊहल व लंबाडग नदियों से मछलियां पकड़कर पर्यटकों को बेच रहे हैं, इसलिए गत दो दिन से यहां पर पांच से छह हजार पर्यटक पहुंच हुए हैं। होटल के मालीक राजकमल, बलवीर ठाकुर, संजय कुमार आदि का कहना है कि दोनों घाटियों में इससे पूर्व कम मात्रा में पर्यटकों की आवाजाही कम मात्रा में होने के चलते यहां के पर्यटन व्यवसायियों की कमाई में प्रतिकूल असर पाड़ गया था मगर अब पर्यटकों की आवाजाही हो जाने से उनकी कमाई में भी खूब बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना है कि गत दो दिन से यहां पर ढाई सौ से तीन सौ पर्यटकों की गाडियां आ रही है दोनों घाटियों में आने वाले पर्यटकों के लिए अब दो सड़क मार्ग खुल गए हैं एक सड़क मार्ग मंडी व जोगिन्द्रनगर की ओर से आने वाले पर्यटक वाया घटासनी से बस तथा अपने वाहन से तथा दूसरा रास्ता बीड़ – बिल्लिंग के रास्ते से मात्र अपने छोटे वाहन के माध्यम से पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों में सूरज चंद, वजिन्द्र सिंह, हरि गोपाल, मनसा राम, मान सिंह, रणवीर सिंह आदि लोगों का कहाना है कि कई शरारती पर्यटक यहां आकर खूब मनमानी करते हैं। इसलिए उन्होंने सरकार से दोनों घाटियों में चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ–साथ घाटियों के प्रवेश द्वार घटासनी और बीड़ में एक- एक पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया है ताकि इन घाटियों में आने वाले पर्यटकों का रिकोर्ड भी रखा जा सके तथा पर्यटकों को इन घाटियों की विशेषताओं के बारे में भी मालूल पड़ सके।












