एनडीपीएस मामले में दोषी को 15 साल की कैद और डेढ़ लाख जुर्माना सुनाया
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर योगेश जसवाल की अदालत ने आज एक महत्वपूर्ण फैसले में एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ) अधिनियम के तहत एक दोषी व्यक्ति को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी चम्पा सुरील ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल रखने से संबंधित था, जिसमें कमरऊ तहसील के टिम्बी गांव के निवासी अनिल कुमार पुत्र काली राम को अदालत ने दोषी पाया है। अनिल कुमार को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 (सी) के तहत यह सजा सुनाई गई है। अदालत ने अपने फैसले में दोषी अनिल कुमार पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे उसे भरना होगा। यदि वह जुर्माना भरने में विफल रहता है, तो उसे 2 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी चम्पा सुरील ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 6 जुलाई, 2022 को पुलिस टीम पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र में गश्त कर रही थी। लगभग 2 बजकर 15 मिनट पर जब पुलिस टीम सतौन पहुंची, तो हेड कांस्टेबल राकेश को एक गुप्त सूचना मिली कि अनिल कुमार प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और कोडीन फॉस्फेट व क्लोरफ्रूइरामाइन मैलेट युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अनिल कुमार के घर पर छापा मारा, जहाँ वह मौजूद पाया गया। तलाशी के दौरान, पुलिस ने उसके बेडरूम में बिस्तर के पास रखे एक काले पिट्ठू बैग से कोडीन फॉस्फेट और क्लोरफ्रूइरामाइन मैलेट कफ सिरप की 91 बोतलें बरामद कीं।पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले की जांच के दौरान 20 गवाहों से पूछताछ की गई और पर्याप्त साक्ष्यों के साथ अदालत में चालान पेश किया गया। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों के आधार पर अनिल कुमार को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।












