स्याठी-लौंगनी के बेघर निर्माण मजदूरों को हिमाचल भवन बोर्ड से मिलेगा सहयोग
धर्मपुर खण्ड की लौंगनी ग्राम पंचायत के स्याठी गांव में 1 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण 20 परिवार बेघर हो गए हैं, जिनमें से 11 परिवार मनरेगा एवं निर्माण मजदूर हैं। प्रभावित मजदूरों में राजो देवी, अती देवी, ज़ुल्मी देवी, रीता देवी, नीलमा, रूमा, रेखा, सोमा, सुनीता, शनिचरू और देश राज शामिल हैं। यह सभी मजदूर हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार बोर्ड से पंजीकृत हैं। इसके अलावा, थुनाग क्षेत्र में भी बोर्ड के एक कर्मचारी का घर ढह गया है।बोर्ड के सदस्य और सीटू के जिला प्रधान भुपेन्द्र सिंह ने इस मुद्दे को लेकर बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर से चर्चा की और वित्तीय सहायता प्रदान करने का सुझाव दिया। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने निर्णय लिया कि सोमवार को एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रभावित परिवारों को सहायता पैकेज देने का निर्णय लिया जाएगा।
मंडी जिले में व्यापक नुकसान
भुपेन्द्र सिंह ने बताया कि मंडी जिले के धर्मपुर के अलावा सराज, नाचन और करसोग क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है, जिनमें बोर्ड से पंजीकृत मनरेगा एवं निर्माण मजदूर भी शामिल हैं। ऐसे में इन सभी को इस विपत्ति के समय विशेष सहायता देने की आवश्यकता है।
बोर्ड अध्यक्ष का आश्वासन
बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि पैकेज तय होने के बाद वे खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और मजदूरों से मिलकर तत्काल राहत प्रदान करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने मंडी जिले के श्रम कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे दो दिन में पंजीकृत मजदूरों का विवरण बोर्ड राज्य कार्यालय को भेजें, ताकि राहत कार्य में कोई देरी न हो।
उम्मीद की किरण: जल्द मिलेगा राहत
यह कदम प्रभावित मजदूरों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकता है, जो इस प्राकृतिक आपदा के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।












