सैनिक के लिए परिवार से पहले राष्ट्र सुरक्षा होती है सर्वोपरि, बलिदानी कभी नहीं मरते हमेशा अमर रहते
हिमाचल डिफेंस वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन ने सदर विधानसभा क्षेत्र के बाड़ी में स्थित सेवा भारती विवेकानंद छात्रावास में 4 जून को मणिपुर के चंदेल जिले में उग्रवादी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए बलिदानी सैनिकों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर 10वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में बौद्धिक बौद्धिक प्रदान करते हुए हिमाचल डिफेंस वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष आशा ठाकुर ने यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि 4 जून 2015 को मणिपुर के चंदेल में सेना की एक टुकड़ी पर हुए हमले में 20 जवान वतन पर कुर्बान हुए थे। जिसमें हिमाचल के 7 सपूतों ने शहादत दी थी। इस उग्रवादी हमले में मंडी जिला के पधर उपमंडल की सियून पंचायत के शहीद हवलदार प्रकाश चंद, द्रंग मसेरन गांव के सिपाही मनोज कुमार व जोगिंद्रनगर के पटनू गांव के विकास भारद्वाज शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि मातृभूमि पर मर मिटने वाले बलिदानी वीरों ने देश के आने वाले कल के लिए अपना आज कुर्बान किया है, जिसके लिए हम सभी का फर्ज बनता है कि उनके परिजनों को उचित मान-सम्मान देकर उनकी शहादत की गरिमा को बहाल रखें। इन शहीद परिवारों का सम्मान ही देश पर कुर्बान होने वाले शौर्यवीरों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सेवा भारती विवेकानंद छात्रावास बाड़ी के अध्यक्ष खेमचंद शास्त्री ने कहा कि बलिदानी कभी भी नहीं मरते हमेशा अमर रहते हैं। मगर एक बलिदानी की मौत तब होती है जब देशवासी व सरकारें उनके बलिदान को भूला देती हैं। उन्होंने छात्रों को कहा कि सेना का सम्मान देश का सम्मान है, जिस तरह एक वीर योद्धा देश के लिए लड़ता है उसी तरह एक विद्यार्थी को भी देश को आगे ले जाने के लिए कृतसंकल्प रहना चाहिए। इस मौके पर छात्रावास के बच्चों ने देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बलिदानी प्रकाश चंद की पत्नी व्यास देवी, बलिदानी मनोज कुमार की पत्नी पुष्पा देवी सहित अन्य गणमान्य महिलाएं भी उपस्थित थी।












