मूसलाधार बारिश में भी जोगिंद्रनगर में सड़कों पर उतरे लोग, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
जोगिंद्रनगर उपमंडल में पूरी तरह से चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने और डॉक्टरों के खाली पदों को शीघ्र भरने की मांग को लेकर रविवार को जोगिंद्रनगर में सैंकड़ों लोग सड़क पर उतरे। मूसलाधार बारिश, उफनते नदी-नाले और बंद रास्तों की परवाह किए बिना हिमाचल किसान सभा के आह्वान पर विभिन्न पंचायतों से लोग पैदल चलकर पहुंचे और अस्पताल परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में निकाले गए इस जुलूस में किसान सभा कार्यकर्ताओं, महिला मंडलों, सेवानिवृत कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर कुशाल भारद्वाज ने कहा कि जोगिंद्रनगर उपमंडल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा चुकी हैं। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में 19 स्वीकृत पदों में से 16 खाली पड़े हैं, वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद भी लंबे समय से रिक्त हैं। पिछले 18 साल से सोनोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन बेकार पड़ी है। चौंतड़ा सीएचसी में गायनी डॉक्टर की कमी के कारण महिलाओं को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और लडभड़ोल व विभिन्न पीएचसी में भी डॉक्टरों व अन्य स्टाफ का टोटा है।उन्होंने प्रदेश सरकार और विपक्ष दोनों को घेरते हुए कहा कि हाल ही में प्रदेशभर में 200 से ज्यादा डॉक्टर नियुक्त किए गए, लेकिन जोगिंद्रनगर उपमंडल के हिस्से एक भी डॉक्टर नहीं आया। बल्कि यहां से एक और डॉक्टर का तबादला कर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में खाली पड़े 16 पदों को भरा जाए, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए और चौंतड़ा सीएचसी व अन्य अस्पतालों में डॉक्टर व स्टाफ तैनात किए जाएं।किसान सभा ने इस मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है और 40 हजार हस्ताक्षर इकट्ठे करने का लक्ष्य रखा गया है। कुशाल भारद्वाज ने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हुई तो हजारों लोग जोगिंद्रनगर पहुंचकर सिविल अस्पताल में तालाबंदी करेंगे।किसान सभा के ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि इस आंदोलन को गाँव-गाँव तक ले जाया जाएगा और ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित होंगी। प्रदर्शन में कुशाल भारद्वाज, रविंद्र कुमार, सुदर्शन वालिया, भगत राम, मेघ सिंह ठाकुर, भीम सिंह चौधरी, तिलक राज ठाकुर, केहर सिंह वर्मा, बालक राम, रूप सिंह, श्याम सिंह राठौर समेत महिला मंडलों की प्रधान-सचिव, नौजवान सभा के कार्यकर्ता और सैंकड़ों लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन के अंत में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजा गया।












