बुजुर्ग हीरा लाल सरकार की पेंशन से वंचित, पंचायत व कार्यालयों का चक्कर काट रहा आवेदनकर्ता
उपमंडल करसोग के अंतर्गत ग्राम पंचायत ममेल के एक बुजुर्ग को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वहीं बुजुर्ग हीरालाल पुत्र नारू गांव ममेल तहसील करसोग जिला मंडी उम्र 63 पिछले 2 सालों से सरकारी पेंशन के लिए भटक रहे हैं। इसलिए इनका पंचायत कार्यकारिणी व सरकार की पेंशन योजना से अब भरोसा उठ गया है। इन्होंने बताया कि 2023 में पंचायत कार्यालय ममेल में अपने पेंशन के कागज जमा करवाए थे, इन्होंने 2024 में भी पेंशन के कागज पंचायत कार्यालय ममेल में दोबारा जमा करवाए थे, फिर भी इनके हाथ निराशा लगी। इन्होंने बताया कि मैं अपनी पेंशन के कार्य के लिए पंचायत कार्यालय ममेल गए था और वहां पूछा तो उन्हें अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आप यहां कार्यालय में कभी भी नहीं आए हैं और कोई भी कागज यहां जमा नहीं हुए हैं, जबकि इनका मानना है कि मैंने पंचायत कार्यकारिणी को कागज दिए थे। इन्होंने पंचायत कार्यकारिणी के ऊपर निशाना साधते हुए कहा कि ये इस योजना के लिए मुझे पिछले तीन सालों से वंचित कर रहे हैं और मुझे इस योजना का लाभ प्रदान नहीं करवा रहे हैं।
खाने के लाले पड़े
पांच किमी दूर बैंक का चक्कर लगा-लगा कर थक चुका हूं। खाने को लाले पड़े हुए हैं। नमक भात खाकर गुजारा कर रहा हूं। आय का दूसरा स्रोत नहीं है। पेट भरना मुश्किल पड़ रहा है। सरकार जरूरतमंदों को पेंशन न देकर समर्थ लोगों को इस योजना के तहत पैसे बांट रही है और मैं बीमार रहता हूं। सरकार से अनुरोध है कि इस विषय में जांच की जाए और मुझे सरकारी पैंशन योजना का लाभ मिल सके।
. हीरा लाल. निवासी ममेल।
क्या कहते हैं पंचायत सेक्रेटरी:
आवेदनकर्ता का आवेदन छह सात महीने मिला है और कागजी औपचारिकता पूरी है, लेकिन कुछ निजी कागज आवेदन कर्ता ने उपलब्ध नहीं करवाई है, जैसे ही निजी कागज आवेदनकर्ता यहां कार्यालय में जमा करवाता है, तो सरकारी पेंशन योजना का लाभ मिल जाएगा।
-संत राम, पंचायत सेक्रेटरी, ममेल पंचायत विकासखंड करसोग।












