शिक्षा मंत्री रोहित के सुधार में अनूठे प्रयास सराहनीय: चमन राही
अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने शिक्षा के बंटवारे को रोकते हुए प्राइमरी, मिडिल और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की प्रार्थना सभा एक करके सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि कई बार प्राइमरी स्कूल में प्रार्थना सभा पहले हो जाती थी, तो वरिष्ठ और माध्यमिक स्कूल में बाद में होती थी। उन्होंने कहा कि एक साथ असेंबली होने से छात्रों में एकता की भावना विकसित होती है। क्योंकि यह छात्रों को अपनी स्कूल की पहचान और गौरव की भावना के साथ जोड़ती है। उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक एक ही स्कूल शिक्षा निदेशालय होगा और उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा निदेशालय होगा। इससे मिड डे मील एक ही शिक्षा प्रांगण में एक साथ बनेगा। इससे दोनों स्कूलों के बच्चों में आपसी प्यार प्रेम बढ़ेगा। एक ही निदेशालय होने के कारण कार्यों में भी गति आएगी और अनुशासन में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व निदेशक शिक्षा सचिव सहित कई विभागीय अधिकारियों तथा चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को भी शिक्षा की बारीकियां सीखने के लिए सिंगापुर सहित अन्य देशों में अपने साथ ले गए थे। कंबोडिया में विश्व के सबसे बड़े हिंदू मंदिर को दिखाने के लिए बच्चों व अध्यापकों का एक दल कई जगह भेजा गया था। इसका सारा श्रेय शिक्षा मंत्री को जाता है। चमन राही ने कहा कि मंडी का जोनल अस्पताल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के दादा रामलाल ठाकुर ने अपने कार्यकाल विकसित करवाया था। मंडी जिला के चहुंमुखी योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। हम परिषद की ओर से मांग करते हैं कि उनकी प्रतिमा भी हिमाचल में स्थापित की जाए। चमन राही ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए और पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई भर्ती प्रक्रिया की जांच की जाए। इस मौके पर यशवंत गुलेरिया बल्ह सुधार सभा अध्यक्ष, धर्मदास परिषद के प्रचार सचिव, गगन सिंह संगठन सचिव आदि उपस्थित रहे।












