पंचायती राज विभाग के आदेशों से प्रभावित होंगे विकास कार्य
- प्रधान एसोसिएशन गोपालपुर ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रधान एसोसिएशन ब्लॉक गोपालपुर ने सरकार व प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होने की गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश नेगी, सचिव सुरेश ठाकुर और मुख्य सलाहकार एडवोकेट नरेश शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा हाल ही में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा पारित आदेशों से मनरेगा व 15वें वित्त आयोग से डंगे रास्ते व मनरेगा से एक समय में 20 कार्य ही करने के आदेश पारित करके विकास कार्यों पर रोक लगने से ग्रामीण स्तर पर समस्याएं बढ़ रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि अब तक मनरेगा के तहत पंचायतों द्वारा आंतरिक सड़कों का निर्माण, डंगे, रास्ते, नालियां, सामुदायिक भवनों की मरम्मत व अन्य विकास कार्य करवाए जाते थे, जिससे गांवों में रोजगार भी मिलता था और ढांचागत विकास भी होता था, लेकिन पंचायती राज विभाग ने आदेश पारित किए हैं कि ऐसे कार्य मनरेगा के तहत नहीं किए जाएंगे, बल्कि मनरेगा में केवल सीमित प्रकार के कार्य ही स्वीकृत होंगे। एसोसिएशन ने आशंका जताई कि इससे ग्रामीणों के रोजगार के अवसर कम होंगे और पंचायतों का विकास ठप हो जाएगा। इसी तरह 15 वें वित्त आयोग की राशि से पंचायतों द्वारा पानी से जुड़े कार्य जैसे पेयजल टंकियां, नलियां, कुहले और अधूरे प्रोजेक्ट पूरे किए जाते थे, लेकिन अब यह राशि जल शक्ति विभाग को सौंपने के आदेश पारित कर दिए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि इससे पंचायतें विकास कार्यों को स्वतंत्र रूप से संचालित नहीं कर पाएंगी और योजनाएं अधूरी रह जाएंगी। प्रधान एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खु और ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मांग की है कि विभागीय आदेशों को तुरंत निरस्त किया जाए और पंचायतों को पहले की तरह मनरेगा व 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग विकास कार्यों व जनहित के लिए करने की अनुमति दी जाए। इस अवसर पर गोपालपुर विकासखंड के समस्त प्रधान शामिल थे।












