बेसहारा पशुओं ने घेरा बिलासपुर का फोरलेन
प्रदेश भर में बेसहारा पशुओं जिनमें गाय और सांड आदि दर-दर घूमते विचरते उपेक्षा की हालत में साफतौर पर देखे जा सकते हैं। कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 21 यानी फोरलेन जो कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत है, के यहां बिलासपुर के एक बड़े भाग में भी बेसहारा पशु पूरे मार्ग को घेरे हुए देखे जा सकते हैं, इसमें अमर सिंह पुरा एवं औहर आदि ऐसे ग्रामीण इलाके हैं, जहां बड़े सींग वाले बैल भी इस फोरलेन पर अपना आतंक फैलाए हुए है। बेसहारा पशु जिन्हें आवारा एवं लावारिस पशुओं का भी नाम ऐसी-ऐसी खबरों के साथ दिया जाता रहा है जो दिल दहलाने से कम नहीं रही, क्योंकि वाहन चालकों-राहगीरों -किसानों को जहां ये पशु बिगड़ने पर मौत के घाट उतारते रहे हैं, वहीं खेतीबाड़ी को चौपट करने का सिलसिला भी लंबा हो चला है। यह स्थिति गंभीर होती जा रही है और संबंधित विभाग तथा गाय की रक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकारें इन पशु नियंत्रण को लेकर असफल रही है, जो इस दिशा में अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं कर पाई है, जिससे यातायात में फंसने वाले लोगों सहित अन्य कई क्षेत्रों में जुड़े लोग इस उदासीन रवैए से बेहद नाराज व गुस्से में है। लोगों ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार एवं केंद्र से इस संबंध में शीघ्र ही साझी रणनीति बनाकर बेसहारा पशु समस्या दूर करने की पुरजोर मांग की है।












