उहल नदी पर बने पैदल पुल पर कंकरीट डालने की मांग
चौहार तथा छोटा भंगाल घाटी को जोड़ने वाले उहल नदी पर बने पैदल पुल पर कंकरीट डालने की मांग जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के समय पुल पर बिछाई गई लोहे की चादरों पर पानी एकत्रित होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। गौरतलब है कि बरोट–मुल्थान पुल 1995 में उहल नदी पर आई भयंकर बाढ़ में बह गया था। स्थानीय लोगों की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व द्रंग के पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर के भरसक प्रयास से पुल का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 15 अप्रेल 2021 को इसका उदघाटन भी कर दिया था। स्थानीय लोगों में पूर्ण चंद नेगी, अमीं चंद, दौलत नेगी, कमलेश नेगी, रमेश कुमार, रत्तन चंद, रुमाल चंद, हीरा लाल, अशोक कुमार आदि का कहना है कि बरसात होने पर पुल में बिछाई गई लोहे की चादरों में पानी एकत्रित हो जाता है। इस कारण पुल पर आवागमन में मुशिकलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर से पुल पर कंकरीट डालने की मांग की है। विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने कहा कि लोगों को पुल पर आवाजाही करते समय परेशानी हो रही है तो इस समस्या का अवश्य ही हल कर दिया जाएगा।












