धाड़ता व सरकाघाट क्षेत्र की समस्याओं पर मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरकाघाट दौरे के दौरान धाड़ता क्षेत्र से संबंध रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र उन्हें व्यक्तिगत रूप से सौंपा। यह मांग पत्र लिखित रूप में मुख्यमंत्री को सौंपा गया, जिसमें क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दे शामिल थे। मुख्य मांगों में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए बने कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट में संशोधन कर जनता हित में बदलाव करवाना, ठेके में स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों को प्राथमिकता देना, गावर कंपनी सहित अन्य कंपनियों को कार्य से हटाना तथा पाड़छू और चोलथरा पुल का निर्माण विशेषज्ञों की निगरानी में करवाना शामिल है, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।इसके अलावा, सरकाघाट में एससी, एसटी निगम का कार्यालय बंद न किया जाए, धाड़ता क्षेत्र के लिए अलग विकास खंड स्थापित किया जाए, ठाठी (मसेरन) व सरौन पंचायत के हयोड़ वार्ड को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, सरकाघाट में परिवहन सुविधा बढ़ाई जाए और बस स्टैंड से अस्पताल तक नियमित सेवा चलाई जाए। सरौन पंचायत के श्मशान घाटों और रास्तों को पक्का करने, दिव्यांगों की पेंशन में बढ़ोतरी तथा यूडीआईडी कार्ड को सभी सरकारी व निजी बसों में मान्यता दिलवाने की मांग भी रखी गई।इन मांगों का समर्थन हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष हरिदास प्रजापति, चोलथरा पंचायत के प्रधान मेहर चंद गारला, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने किया। इस दौरान विधायक चंद्र शेखर, एसडीएम सरकाघाट, उपायुक्त मंडी, मीडिया प्रतिनिधि हाकम चंद पठानिया व अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने एनएच निर्माण से जुड़ी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत रूप से बात करने का आश्वासन दिया है।












