नेशनल हेराल्ड को पुनर्जीवित करने के लिए कांग्रेस ने दिए 90 करोड़: गहलोत
देश में चर्चित नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। भाजपा के लगातार हमलावर तेवरों से सचेत कांग्रेस ने पलटवार करने की शुरुआत कर दी है। कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों पर राजस्थान के पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने शिमला पहुंचकर कांग्रेस का मजबूत पक्ष सबके सामने रखा। गहलोत ने पार्टी मुख्यालय राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि 1938 में नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत हुई थी, जिसका मकसद आजादी के आंदोलन को तीव्र गति देना था। अखबार ने यह काम बखूबी किया और आजादी की मशाल को जनजन तक पहुंचाने की कोशिश की। कई कारणों से अखबार बंद भी हो जाते हैं। इसी तरह नेशनल हेराल्ड भी बंद हो गया। अखबार को पुनर्जीवित करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ दिए और 10 साल के अंदर एक दूसरी कंपनी बनाई गई। 70 करोड़ कर्मचारियों के लंबित वेतन, भत्तों को चुकाने के लिए खर्च किए गए। पूर्व सीएम ने बताया कि इस मामले में आयकर विभाग ने 413 करोड़ की संपत्ति का विश्लेषण भी किया है, जबकि पूरे देश में यह माहौल बनाया जा रहा है कि गांधी परिवार के पास पांच हजार करोड़ की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड कंपनी एक गैर लाभकारी कंपनी है, जिसके तहत किसी को लाभ नहीं पहुंचाया गया। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ चार्चशीट दायर करना पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से की कार्रवाई है। यह अत्यंत दु:खद पहलू है।
ईडी, सीबीआई का हो रहा दुरुपयोग
गहलोत ने कहा कि ईडी ने डर का माहौल बना रखा है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर इनकम टैक्स के छापे डाले जा रहे हैं और सीबीआई का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है। देश को इन तीनों एजेंसियों पर पर गर्व होना चाहिए, लेकिन इनका खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं। इतिहास में इससे पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ, जिसमें देश को आजादी दिलाने वाले गांधी परिवार को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
देश को गलत दिशा में ले जा रहीं फासीवादी ताकतें
गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि फासीवादी ताकतें देश की सत्ता में बैठ गई हैं। इससे देश को खतरा पैदा हो रहा है और देश को विपरीत दिशा में ले जा रहे हैं, अब इसका क्या परिणाम होगा यह आने वाले समय में मालूम हो जाएगा। ऐसी बदली परिस्थितियों में देश में भय का माहौल बन रहा है और ध्रुवीकरण की राजनीति हो रही है, जोकि देश हित में नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री विक्रमादित्य सिंह, अनिरुद्ध सिंह, विधानसभा में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया सहित मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान आदि मौजूद रहे।












