चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे 27 घंटे बाद बहाल, केएमसी कंपनी और प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार दोपहर 1:30 बजे मंडी के चार मील क्षेत्र के पास भारी भूस्खलन के चलते बंद हो गया था, जिसे 27 घंटे बाद रविवार शाम 5 बजे बहाल किया जा सका। इस दौरान सड़क के दोनों ओर हजारों वाहन फंसे रहे और यात्रियों को भूख-प्यास और भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। केएमसी कंपनी और जिला प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर सामने आई। मौके पर छह एलएनटी, दो जेसीबी और दो लोडर मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद मलवा हटाने में असाधारण देरी की गई। रविवार सुबह 10:30 बजे तक भी मशीनें निष्क्रिय खड़ी रहीं। 11 बजे के बाद भी केवल एक जेसीबी मशीन नाली की सफाई करते हुए नजर आई। मौके पर मीडियाकर्मियों की पहुंच और उनकी रिपोर्टिंग के बाद ही कंपनी हरकत में आई। पुलिस ने भी दबाव बनाते हुए मशीनों को सक्रिय किया। इसके करीब दो घंटे बाद एक गर्भवती महिला को फंसी गाड़ी से सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद बाइकों और पैदल यात्रियों को धीरे-धीरे बाहर निकाला गया। अंततः शाम 5 बजे के करीब हाईवे को पूर्ण रूप से बहाल किया गया, जिससे फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। 27 घंटे तक मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद रहना प्रशासनिक तंत्र की विफलता और केएमसी कंपनी की लापरवाह कार्यप्रणाली को उजागर करता है। इस लापरवाही के कारण आम जनता और पर्यटक दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे नाराजगी का माहौल बना हुआ है।












