निर्माण कंपनी के खिलाफ चोलथरा में किया चक्का जाम, तीन घंटे हाईवे पर लगा रहा जाम
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन अटारी लेह एनएच में बरती जा रही अनियमिताओं और बदहाली को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बावजूद अब जनता बिना किसी डर के सड़कों पर उतर आई हैं जिसके चलते आज प्रभावित जनता द्वारा चोलथरा में दस से एक बजे सड़क पर धरना दिया गया। जिसका नेतृत्व पूर्व जिला पार्षद भुपेंद्र सिंह पंचायत प्रधान मेहर चंद गारला, व्यापार मंडल के प्रधान बिहारी लाल, किसान सभा के रणताज राणा इस दौरान एसडीएम, डीएसपी और मौर्थ के प्रभारी अभियंता तन्मय महाजन भी उपस्थित रहे। एनएच निर्माण से चोलथरा में बाई पास बनने के कारण मेन बाजार, स्कूल, पंचायत घर, बैंक, सहकारी समिति व दुकानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कंपनी द्वारा निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही और अनियमत्ताओं के कारण पिछले लंबे अरसे से स्थानीय लोग परेशानी झेल रहे हैं। इस बारे कई बार प्रशासन और कंपनी को मांगपत्र दिए गए, लेकिन सुनवाई न होने के कारण आज लोगों ने सड़क पर उत्तर कर विरोध दर्ज किया।जिसका नेतृत्व पूर्व जिला पार्षद भुपेंद्र सिंह व्यापार मंडल के अध्यक्ष बिहारी लाल सर्वोदय जन सेवा समिति के राजीव आर्य पंचायत प्रधान मेहरचंद गारला किसान सभा के खंड अध्यक्ष रणताज राणा, करतार सिंह चौहान, बलदेव ठाकुर और प्रभावित सूबेदार भूप सिंह और श्रवण कुमार तथा धर्म चंद और समाजसेवी रमेश चंद भारद्वाज सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया। निर्माण कार्य से प्रभावित परिवारों, व्यापार मंडल, ग्राम पंचायत और सर्वोदय जनकल्याण सभा चोलथरा के पदाधिकारियों ने बीस दिन पहले एसडीएम सरकाघाट को ज्ञापन सौंपा था और 15 दिन में बाजार तथा सूबेदार भूप सिंह गुलेरिया, श्रवण कुमार, धर्मचंद, योगराज, कृष्णदयाल, जगदीश राठी, जय सिंह इत्यादि के घरों के पास पिछली बरसात से पहले कंपनी द्वारा की गई कटिंग से इनके गिरने का खतरे से बचाने के लिए इस बरसात से पहले सुरक्षा दीवारें लगाने की मांग की थी, लेकिन कंपनी द्वारा इन कार्यों को पूरा न करने के विरोध में लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हुए है। इस अवसर पर मेहर चंद गारला, बिहारी लाल, रणताज राणा और रमेश भारद्वाज ने कहा कि गत 27 मई को दमसेहड़ा में पूर्व जिला पार्षद भुपेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था लेकिन उस दिन वहां पर तीन घंटे तक न तो पुलिस आई और न ही प्रशासन पहुंचा, लेकिन बाद में प्रदर्शकारियों पर ही पुलिस ने मुकदमा दायर करने दिखा दिया कि वे लोगों के लिए नहीं कंपनी के लिए काम करते हैं। सभी ने उस मुकदमें को रद्द करने की मांग उठाई अन्यथा एनएच प्रभावित तथा संगठन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगे, जबकि होना तो ये चाहिए था कि ये निर्माण कंपनी जिस तरह से मनमाने तरीके और घटिया किस्म का काम कर रही है उसके खिलाफ प्रशासन को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी, लेकिन वे भी कंपनी के पक्ष में खड़े हुए हैं जो बहुत ही निंदनीय है। दमसेहड़ा के प्रदर्शन से सबक लेकर चोलथरा में आज के प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए पुलिस सुबह से ही तैनात थी बाद में एसडीएम स्वाति डोगरा और डीएसपी संजीव गौतम भी धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन लोग लिखित एग्रीमेंट करने के लिए तीन घंटे अड़े रहे और उसके हमीरपुर से परियोजना निदेशक के साढ़े बारह बजे पहुंचने पर लिखित एग्रिमेंट हुआ और उसके बाद धरना खत्म हुआ, जिसके अनुसार चोलथरा और सरौन ग्राम पंचायतों की समस्याओं को समयानुसार अगले 15 दिनों में हल करने का समझौता हस्ताक्षरित किया गया। कंपनी ने अगले 15 दिनों में बाजार की तोड़ी हुई सड़कें और नालियां बहाल करने, बाईपास सड़क को और घटिया किस्म डाली पुलिया को सुधारने, भूप सिंह, श्रवण कुमार, कृषण दयाल, धर्मचंद, जगदीश, जयसिंह इत्यादि के घरों के पास सुरक्षा दीवारें लगाने, तोड़े गए रास्तों और जलस्रोतों को जल्दी निर्मित करने, जल निकासी के लिए नालियां बनाने तथा लोगों की निजी भूमि पर से अवैध डंम्पिंग हटाने और सड़क को पक्का करने बारे लिखित में एग्रीमेंट किया है। धरने में सैंकड़ों महिला पुरुषों ने भाग लिया और जोरदार प्रदर्शन किया।












