प्रशासन ने की अवैध डंम्पिंग पर कार्रवाई न करने की आलोचना, किसानों का प्रदर्शन
सरकाघाट और धर्मपुर के प्रभावित क्षेत्रों में हो रही तबाही के लिए जिम्मेदार निर्माण कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। हिमाचल किसान सभा ने चोलथरा, रखोह, सरकाघाट और आसपास के इलाकों में कंपनियों द्वारा की गई अवैध डंम्पिंग की जानकारी प्रशासन को दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब यह मलवा सड़कों, घरों और लोगों की जमीनों को नुकसान पहुंचा रहा है।
कंपनियों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, खतरे में घर
विधायक और विपक्ष के नेताओं ने स्थिति का निरीक्षण किया, लेकिन जब निर्माण कार्य हो रहा था तब उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। अब घरों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। पिछले दो वर्षों से किसान सभा ने सुरक्षा दीवारें बनाने की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई व्यवस्था नहीं की। भुपेन्द्र सिंह और किसान सभा ने मांग की है कि गावर और बीआरएन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई इन कंपनियों से की जाए।
न्याय के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की योजना
किसान सभा और स्थानीय लोग प्रशासन से निराश हैं। उन्होंने 4 जून को सरकाघाट थाना में शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। अब 9 जुलाई को सरकाघाट में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय नेता, किसान सभा और नागरिक सभा के सदस्य प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
अवैध डंम्पिंग से पैदा हुई समस्या
धर्मपुर और सरकाघाट में अवैध डंम्पिंग की वजह से स्थिति और भी बदतर हो गई है। गासियां खड्ड में डंम्पिंग के कारण पाड़छु पुल ढह गया, और उसका मलवा बहकर धर्मपुर पहुंच गया। इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। यह स्थिति प्रशासन की निष्क्रियता और निर्माण कंपनियों की मनमानी को उजागर करती है।












