सुंदरनगर अस्पताल में डाक्टरों के 8 पद खाली: राकेश जंवाल
विधानसभा सत्र के दौरान सुंदरनगर से विधायक ने प्रदेश की बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर चिंता जताई और कांग्रेस सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बद से बदतर होता जा रहा है और जनता बुनियादी इलाज के लिए भी तरस रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा। भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई हिमकेयर योजना आज ठप हो चुकी है, जिस पर करीब 365 करोड़ रुपए की देनदारी है। मरीजों को मुफ्त इलाज नहीं मिल पा रहा और डायलिसिस जैसी सुविधाएं बंद हो जाने से गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है। यही नहीं, सहारा योजना भी ठप कर दी गई, जिससे गरीब और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद भी बंद हो गई। सुंदरनगर अस्पताल की स्थिति पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि इसे आदर्श स्वास्थ्य संस्थान घोषित किया गया है, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। 23 डॉक्टरों की स्वीकृति के बावजूद केवल 15 ही कार्यरत हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचें ठप हैं और गर्भवती महिलाओं को निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। अंत में विधायक ने मांग की कि प्रदेश सरकार तुरंत डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति करे, लंबित देनदारियों का भुगतान कर हिमकेयर और सहारा योजना को फिर से चालू करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।












