छोटा भंगाल घाटी के एकमात्र महाविद्यालय में स्टाफ की भारी कमी, छात्र संख्या घटी
- स्थानीय प्रतिनिधियों और जनता ने उठाई मांग, मुख्यमंत्री से मिलने की बनी योजना
बरोट स्थित छोटा भंगाल घाटी के मुल्थान महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 में सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि दुर्गम क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर लड़कियों को घर के पास उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके। प्रारंभिक दो वर्षों में कॉलेज ने आशाजनक प्रगति की और छात्र–छात्राओं की संख्या लगभग डेढ़ सौ तक पहुंच गई। लेकिन बीते छह वर्षों से प्राचार्य का पद खाली चल रहा है, और पिछले दो वर्षों में सात स्वीकृत सहायक प्राध्यापकों में से चार के पद खाली हो गए हैं। इसमें राजनीति शास्त्र के तीन और वाणिज्य व हिंदी के एक-एक पद शामिल हैं। इन रिक्त पदों के कारण महाविद्यालय में प्रशासनिक अस्थिरता और शैक्षणिक गिरावट देखने को मिल रही है, जिसका असर सीधा विद्यार्थियों पर पड़ा है। छात्र संख्या घटकर वर्तमान में मात्र पचास रह गई है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए महाविद्यालय कमेटी के सदस्यों, पंचायत प्रधानों और जनता ने कई बार विधायक किशोरी लाल और पूर्व विधायक मुल्खराज प्रेमी से अनुरोध किया। जिला परिषद सदस्य पवना देवी की अगुवाई में घाटीवासियों ने हाल ही में एक बैठक की, जिसमें विधायक के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया गया।
पवना देवी ने अपील की है कि कोई भी अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला इस महाविद्यालय में रोकें नहीं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि नए दाखिल होने वाले सभी विद्यार्थियों की फीस वे स्वयं वहन करेंगी। उनका यह प्रयास महाविद्यालय को बंद होने से बचाने और शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम है।












