गोहर सिविल कोर्ट में आतंकवाद विरोधी दिवस पर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन
गोहर सिविल कोर्ट में बुधवार को सुबह 11 बजे आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर एक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सिविल जज प्रिया डोगरा की अगुवाई में अधिवक्ताओं, कोर्ट स्टाफ और पेशी पर आए सायलों ने आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ शपथ ली। शपथ में सभी ने मानवता के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव और सूझबूझ को बढ़ावा देने, साथ ही विघटनकारी शक्तियों से लड़ने का संकल्प लिया। समारोह में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवनीत वशिष्ठ, नारायण सिंह, नरेश शर्मा, हर्ष शर्मा, यादवेंद्र ठाकुर, दिनेश कुमार, डीके ठाकुर, मुरारी लाल, अतुल शर्मा, हेमराज कुमार सहित कई अधिवक्ता और कोर्ट स्टाफ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पैनल लॉयर हेमसिंह ठाकुर ने आतंकवाद विरोधी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 21 मई को यह दिन मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1991 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई थी। राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक थे और उनकी हत्या के बाद इस दिन को राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में घोषित किया गया। ठाकुर ने कहा कि यह दिन आतंकवाद के खतरों और इसके देश पर प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक माध्यम है।
उन्होंने आगे बताया कि आतंकवाद विरोधी दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं को हिंसा और उग्रवाद के रास्ते से दूर रखना है। यह दिन आम लोगों को आतंकवाद के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और यह दिखाने के लिए मनाया जाता है कि यह राष्ट्रीय हित के लिए कितना हानिकारक है। ठाकुर ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन शांति, एकता और मानवता को बढ़ावा देने के साथ-साथ आतंकवाद के पीड़ितों और उनके परिवारों के बलिदानों को सम्मान देने का अवसर भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ताओं और सायलों ने इस पहल की सराहना की और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की प्रतिबद्धता जताई। देश भर के सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में भी इस दिन आतंकवाद विरोधी शपथ ली जाती है, जिससे राष्ट्रीय एकता और शांति को मजबूत करने का संदेश दिया जाता है।












