चौंतड़ा में किसान सभा का जोरदार प्रदर्शन, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर जताई नाराजगी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंतड़ा में गायनी डॉक्टर सहित एक और डॉक्टर की नियुक्ति, सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर में 15 डॉक्टरों के खाली पदों को भरने, सोनोग्राफर की नियुक्ति तथा आवारा पशुओं से निजात दिलाने समेत विभिन्न स्थानीय मुद्दों को लेकर आज हिमाचल किसान सभा की चौंतड़ा जोन कमेटी ने चौंतड़ा में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। प्रदर्शन में कुशाल भारद्वाज, रविंदर कुमार, केहर सिंह वर्मा, सुदर्शन वालिया, प्रताप चौहान, त्रिलोक सिंह, संतोष कुमारी, निशु, सपना देवी, सीतू और सीमा सहित अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
सरकारी उदासीनता पर फूटा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कुशाल भारद्वाज ने कहा कि सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि व्यापक जनहित के मुद्दे जैसे महंगाई पर रोक, गैस सिलेंडर के दामों में कटौती, किसानों की सब्सिडी बहाली, स्मार्ट मीटर और बिजली के निजीकरण पर रोक, बस किराया वृद्धि वापस लेने और किसानों की जमीनों को नियमित करने की मांगें भी प्रमुखता से उठाई गई हैं।
ब्लॉक अध्यक्ष रविंदर कुमार ने चौंतड़ा क्षेत्र की उपजाऊ जमीन के लिए सिंचाई सुविधा तथा आवारा पशुओं के लिए गोसदन के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। सपना देवी ने चौंतड़ा सीएचसी में जल्द गायनी विशेषज्ञ नियुक्त करने की मांग की, जबकि सुदर्शन वालिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो किसान सभा आंदोलन तेज करेगी।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि जोगिंद्रनगर सिविल अस्पताल में 19 स्वीकृत डॉक्टरों के पदों में से 15 पद खाली हैं। एमडी, सर्जन, ईएनटी, स्किन, ऑर्थों, नेत्र व शिशु रोग विशेषज्ञों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज की जगह केवल रेफर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बद से बदतर होती गई है। उन्होंने बताया कि बीते 18 वर्षों में सोनोग्राफर की नियुक्ति नहीं हुई, जबकि भाजपा सरकार के समय घोषणाओं की भरमार थी। इसके साथ ही अस्पताल में स्टाफ नर्स, ओटीए, रेडियोग्राफर, एमएलटी, ईसीजी, ड्राइवर, मिडवाइफ व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कई पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ टूट चुकी: किसान सभा
भारद्वाज ने लडभड़ोल, चौंतड़ा और आसपास के पीएचसी की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि स्टाफ की भारी कमी के चलते ये स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ नाम के रह गए हैं। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो जनांदोलन का बिगुल बजाया जाएगा। किसान सभा ने स्पष्ट किया कि चाहे सरकार किसी भी पार्टी की हो, आम जनता की बुनियादी सुविधाओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने जनता से संगठित होकर सरकारों पर दबाव बनाने का आह्वान किया।












