मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्थानांतरण के विरोध में भड़का जनआक्रोश, बल्ह में हुई बैठक
मुख्यमंत्री द्वारा नेरचौक स्थित अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को बल्ह से स्थानांतरित करने की घोषणा के बाद क्षेत्र में व्यापक विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय को अनुचित करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति ने इस मुद्दे को लेकर कंसा चौक में एक बैठक आयोजित की, जिसमें क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने भाग लेकर अपना विरोध दर्ज करवाया।बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष प्रेम दास चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से पूरे क्षेत्र की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि बल्ह में पहले से ही मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध है और इसे कहीं और स्थानांतरित करने का कोई औचित्य नहीं बनता। प्रेम दास चौधरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज नेरचौक के नजदीक कुम्मी क्षेत्र के जाड़ नामक स्थान पर दो सौ बीघा से अधिक सरकारी भूमि उपलब्ध है, जहां न तो कोई अवैध कब्जा है और न ही कोई निर्माण कार्य किया गया है। यह भूमि मेडिकल यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है और सरकार को इस विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बल्ह क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता और पहले से निर्धारित योजनाओं को देखते हुए यूनिवर्सिटी का निर्माण यहीं होना चाहिए। अगर इसे अन्यत्र स्थानांतरित किया गया, तो यह न केवल बल्ह क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय होगा, बल्कि पहले से किए गए वादों और प्रयासों का भी अनादर होगा। संघर्ष समिति ने सरकार से अपील की है कि जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यूनिवर्सिटी को बल्ह में ही स्थापित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस पर पुनर्विचार नहीं किया, तो समिति और स्थानीय लोग बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में सचिव नंद लाल,बलदेव सिंह, हेम सिंह, राज पाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।












