सड़क सुरक्षा पर मंडी आरटीओ की सख्ती: जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा में 26 वाहनों पर कार्रवाई, 1.25 लाख रुपये जुर्माना वसूला
बुधवार को जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया। यह विशेष चेकिंग अभियान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) मंडी नवीन कुमार के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें स्कूल बसों सहित कई निजी वाहनों की गहनता से जांच की गई।
जांच के दौरान कुल 26 वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। मौके पर ही इन गाड़ियों के चालान किए गए, जिससे विभाग ने लगभग 1.25 लाख रुपये की राशि बतौर जुर्माना वसूली।
स्कूल बसों में भारी खामियां
इस अभियान में खास ध्यान स्कूल बसों पर दिया गया। आरटीओ नवीन कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े वाहनों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई स्कूल बसों में फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, वैध परमिट और अनिवार्य सुरक्षा उपकरण जैसे फायर एक्सटिंगुइशर, फर्स्ट एड बॉक्स और इमरजेंसी एग्जिट की कमी पाई गई।
उन्होंने कहा, "बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी बसें पूरी तरह से सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हों।"
अभियान के दौरान आरटीओ ने नाबालिग वाहन चालकों के मामले पर भी सख्ती बरतने की बात कही। उन्होंने अभिभावकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया या किसी भी प्रकार का मोटर वाहन चलाने की अनुमति देना न सिर्फ कानून के खिलाफ है, बल्कि उनके जीवन के लिए भी खतरनाक है।"
उन्होंने कहा कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाता पाया गया, तो न केवल बच्चे बल्कि उनके अभिभावकों और वाहन मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
आरटीओ नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग समय-समय पर ऐसे अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे सभी दस्तावेज समय पर अपडेट रखें और वाहनों में जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
स्थानीय जनता ने जताई संतुष्टि
स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि ऐसे नियमित निरीक्षणों से सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी और खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
इस पूरे अभियान ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












