मिनी सचिवालय में नवाचार एवं सशक्तिकरण मेला धूमधाम से सम्पन्न
-महिला स्व-सहायता समूहों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
राजीव गांधी स्मारक राजकीय महाविद्यालय जोगिंद्रनगर द्वारा उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को नगर के मिनी सचिवालय परिसर में “नवाचार एवं सशक्तिकरण मेला” का आयोजन किया गया। इस मेले का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना, उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना और उन्हें आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाना था। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।मेले में कुल 15 स्टॉल लगाए गए। इनमें स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार विविध उत्पाद प्रदर्शित किए। खाद्य सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, परंपरागत सामान, ऊनी कपड़े और हस्तशिल्प उत्पाद लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करते रहे। स्थानीय नागरिकों ने इन स्टॉलों से उत्साहपूर्वक खरीदारी की और महिला उद्यमियों का हौसला बढ़ाया।उन्नत भारत अभियान भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत देश के उच्च शिक्षा संस्थानों को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जोड़ा गया है। इस योजना के अंतर्गत जोगिंदरनगर महाविद्यालय ने अपने गोद लिए गाँवों में महिला स्व-सहायता समूहों का गठन कर उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और विपणन मंच उपलब्ध करवाया है। मेले में इन महिलाओं द्वारा प्रदर्शित उत्पाद इसी पहल का प्रत्यक्ष उदाहरण रहे।मेले में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी जीवन ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सभी स्टॉलों का अवलोकन किया और महिला उद्यमियों से बातचीत कर उनकी मेहनत और लगन की सराहना की। जीवन ठाकुर ने कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इस पहल को “महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम” करार दिया।मेले का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर निशा वैद्य ने स्वागत भाषण के साथ किया। मंच संचालन का दायित्व डॉ. स्मृति ठाकुर ने निभाया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत महिला मंडल मातृ द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नाटी ने कार्यक्रम को स्थानीय लोक-संस्कृति की रंगत से भर दिया। उपस्थित जनसमूह ने इस प्रस्तुति का भरपूर आनंद उठाया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्नत भारत अभियान की संयोजक कौमुदी शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, विभागीय अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और सहयोगी दल का आभार जताया। कौमुदी शर्मा ने कहा कि इस मेले के सफल आयोजन में महाविद्यालय परिवार की एकजुटता और स्थानीय नागरिकों का भरपूर सहयोग रहा। मेले को सफल बनाने में उन्नत भारत अभियान और नवाचार प्रकोष्ठ की टीम का विशेष योगदान रहा। इसमें प्रोफेसर मञ्जु, प्रोफेसर नवीन, डॉ. पूनम, डॉ. पवन, प्रोफेसर ममता, डॉ. कुलदीप, कौमुदी शर्मा और डॉ. स्मृति ठाकुर पूरे समय सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय के सभी कर्मचारी और प्राध्यापक आयोजन की तैयारी और संचालन में बराबर के भागीदार बने।इस अवसर पर न केवल महाविद्यालय परिवार बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मेले में शामिल हुए। परिवारों ने महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को हाथों-हाथ खरीदा और उनके प्रयासों को सराहा। ग्रामीण महिलाओं को मिला यह मंच उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












