चौहार घाटी में पर्वतारोहण की आपार संभावनाएं
बैजनाथ उपमंडल की छोटाभंगाल व द्रंग मंडल की चौहार घाटी में पर्वतारोहण की आपार संभावनाएं है, मगर सरकार की अनदेखी व आधारभूत ढांचे के अभाव में ये घाटियां पर्वतारोहियों के लिए बाईपास ही बनी हुई है। दोनों घाटियों से चम्बा, कुल्लू, मनाली, लाहुल स्पीति के लिए लघु मार्गो का लगभग एक शताब्दी से ही प्रयोग किया जा रहा है। व्रिटिश शासनकाल के दौरान कुल्लू जिला की डाक जोगिन्द्रनगर से चौहार घाटी के शिल्हाबधाणी व भू-भू जोत से होकर ही जाती थी वहीँ छोटाभंगाल घाटी के थमसर जोत होकर बड़ा भंगाल घाटी, चम्बा की होली तथा भरमौर क्षेत्र के लिए लघु मार्ग विद्यमान है। छोटाभंगाल घाटी के कोठी स्वाड़ के अन्दरली मलाह गांव व सरीनाला से होकर भी कुल्लू के लिए लघु मार्ग बने हुए हैं तो छोटाभंगाल घाटी की ही पोलिंग पंचायत के अंतर्गत आने वाले डेहनासर से भी कुल्लू– मनाली के लिए लघु मार्ग मौजूद है, इसलिए सरकार द्रंग क्षेत्र के घोघरधार व झटिंगरी में पर्वतारोहण संस्थान खोलकर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है, जिससे इन घाटियों के बेरोजगारों को भी रोज़गार के अवसर प्राप्त हो जाएंगे।












