वल्लभ महाविद्यालय मंडी में पांच दिवसीय पर्यावरण-अनुकूल शिल्प कार्यशाला का शुभारंभ
वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, मंडी में "इको-फ्रेंडली पाइन क्राफ्ट वस्तुएं एवं कृत्रिम फूल निर्माण" पर आधारित पांच दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा "उन्नत भारत अभियान" के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला का उद्देश्य वनाग्नि जैसी समस्याओं को अवसर में बदलते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आजीविका के नए रास्ते खोलना है। इसके अंतर्गत "अपशिष्ट से संपदा" की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में कुल 50 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें 35 वनस्पति शास्त्र के छात्र, 10 वाणिज्य विभाग के छात्र तथा उन्नत भारत अभियान से जुड़े गांवों—धऱयाणा, लरवाहन, सडयाना और थौंठ से 5 ग्रामीण महिलाएं शामिल हैं। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, ताकि वे स्वयं पर्यावरण के अनुकूल शिल्प वस्तुएं तैयार कर आत्मनिर्भर बन सकें। उद्घाटन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को रचनात्मकता के साथ जीवन में सकारात्मक दिशा देते हैं और उन्हें नशे तथा मोबाइल जैसी बुरी आदतों से दूर रखते हैं। इस कार्यशाला को सफल बनाने में वाणिज्य विभाग के प्रो. अनुज कुमार, संतोष कुमार, वनस्पति विभागाध्यक्ष प्रो. तारा देवी सेन, प्रो. दीपाली अशोक, नीतू पठानिया एवं प्रयोगशाला के कर्मचारीगण विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।












