बरसात से तबाही पर प्रशासन की विफलता, विधायक प्रकाश राणा का धरना प्रदर्शन
बरसात के कारण जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में हुए भारी नुकसान और प्रभावितों को राहत न मिलने के विरोध में बुधवार को स्थानीय विधायक प्रकाश राणा ने कार्यकर्ताओं सहित लोक निर्माण विभाग और उपमंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि आपदा में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने में पूरी तरह विफलता देखने को मिली है।प्रकाश राणा ने कहा कि बरसात के चलते कई लोगों के घरों में दरारें आ चुकी हैं, मवेशी बह गए हैं और लोग परिवार सहित अन्य स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन अब तक इनकी सुध नहीं ले रहा। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से मुआवजे के नाम पर केवल एक-एक तिरपाल दी जा रही है। प्रेस वार्ता में विधायक ने लोक निर्माण विभाग को "भ्रष्टाचार का अड्डा" बताते हुए कहा कि बीते आठ माह में विभाग ने 18 करोड़ रुपए की लागत से 2900 टेंडर लगाए हैं। विधानसभा में आरोप लगाने के बाद एक्सईएन का तबादला किया गया था, लेकिन अब उसी अधिकारी को दोबारा यहां तैनात कर दिया गया है, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी को बचाने की कोशिश की गई, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। विधायक ने बताया कि आपदा से प्रभावित सड़कों को खोलने के लिए विभाग ने 5 दिन का समय मांगा है, लेकिन उन्होंने 10 दिन दिए हैं। यदि इसके बावजूद मार्ग नहीं खुले, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने बताया कि हल्के में 24 बंद सड़कों को खोलने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। विधायक ने ऑप्टिकल केबल प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए और कहा कि 84 किलोमीटर की नालियों की खुदाई पर 18 करोड़ खर्च किए गए, लेकिन विभाग ने सिर्फ 12 किलोमीटर की मरम्मत मानी है, जबकि रिकॉर्ड में सिर्फ एक किलोमीटर नाली पक्की दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि इस बार वे चुप नहीं बैठेंगे और समय आने पर इसकी भी जांच करवाई जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज जमवाल, भाजपा मंडल के तीनों अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष अजय सकलानी, उपाध्यक्ष राजीव सूद, महासचिव शक्ति राणा सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।












