रेलिंग न लगने से डरवाड़ में कभी भी हो सकता है हादसा, नालियां बनाने के लिए तोड़ी गई पौड़ियां भी आज तक नहीं बनाई
धर्मपुर लोक निर्माण उपमंडल टिहरा के अंतर्गत डरवाड़ अनुभाग के तहत तासली नाले से गरली गांव तक चौहान कन्सट्रक्शन कम्पनी द्वारा सड़क को चौड़ा करने का काम पिछले साल पूर्ण कर दिया है।लेकिन 2023 में गारला बस्ती में पास रेन शेल्टर के पास मोड़ पर रेलिंग या क्रैश वेरियर न होने के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है। हालांकि लोकनिर्माण विभाग ने इस सड़क को यहां पर जरूरी रूप में लगने वाले वेरियर के बिना ही इसे स्वीकृति प्रदान कर दी है।
लेकिन यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है।इसके अलावा डाकघर के पास से ऊपर गांव के लिए पक्का रास्ता पिछले साल ही बना है लेकिन जहां से पौडियां शुरू होती हैं वहां पर नाली निर्माण कार्य करने के समय उन्हें आधा तोड़ दिया था। लेकिन इन्हें अब बनाया नहीं जा रहा है और नीचे बड़ा गड्ढा खुला छोड़ दिया है और उस पर ढक्कन नहीं बनाया गया है। ये गांव का मुख्य रास्ता है और इसमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग आते जाते हैं और यहां पर भी दुर्घटना घट सकती है। ऐसी ही स्थिति सड्डयाल बस्ती के लिए खोदी गई सड़क की है।जिस पर अभी तक लगभग 15 लाख रुपए खर्च हो गए हैं, लेकिन न तो सड़क बनी और न अब सदियों से बना रास्ता बचा है और अब तो वहां से पैदल चलने में भी समस्या हो गई है और बड़ी मुश्किल से लोग आते जाते हैं लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और बिमारों को तो यहां से गुज़रना खतरे से खाली नहीं है।पूर्व ज़िला पार्षद भुपेन्द्र सिंह किसान सभा के मेहर सिंह, बलबीर, हेमराज, नरेंद्र कुमार, बंटी, अविनाश, मॉन सिंह, पृथी सिंह, धर्मपाल, राजू, भागसिंह, दौलत राम, कश्मीर सिंह, सूरत, बीरबल, जीत, देशराज, भाग सिंह, भूप सिंह, सुरेश पठानिया, मुरारी, रत्तन शर्मा, देवराज, कृष्ण देव, नानक चन्द, हंस राज, सागर चन्द, भाग सिंह, मोहनलाल, बीरबल, सुरेश कुमार, मॉन सिंह,अशोक कुमार, रामस्वरूप, बालकृष्ण, यशवंत, प्रेम सिंह, राजकुमार इत्यादि ने इन खतरे वाले स्थानों पर जल्दी क्रैश वेरियर, पौढ़ी निर्मित करने और सड्डयाल बस्ती की सड़क जल्दी पुनर्निर्माण करने के मांग उठाई है।












