बरोट-मियोट सड़क मार्ग पर दोपहर की बस सेवा की मांग फिर हुई तेज
लोक निर्माण विभाग उपमंडल झटिंगरी के अंतर्गत आने वाले बरोट-मियोट सड़क मार्ग पर बसे बड़ी झरवाड़, छोटी झरवाड़, खलैहल और मियोट गांव के निवासियों ने एक बार फिर से दोपहर के समय सरकारी बस चलाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। गांव के स्थानीय निवासियों राजमल, महेश्वर, सुंदर सिंह, तवारु राम, पवन कुमार, बलदेव, रामचंद्र, दयाल सिंह, सविता देवी, कांता देवी, अंजली, दिव्य और कौशल्या देवी आदि ने बताया कि वर्ष 2017 से मंडी डिपो की एकमात्र बस सुबह मंडी से चलकर बरोट के रास्ते मियोट पहुँचती है और अगली सुबह वापसी करती है। लेकिन दिन भर इस मार्ग पर कोई बस न चलने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जोगिंद्रनगर डिपो की एक सरकारी बस प्रतिदिन सुबह 11 बजे चलकर दोपहर करीब 1:30 बजे बरोट पहुंचती है, और 3 बजे जोगिंद्रनगर लौट जाती है। यह बस लगभग डेढ़ घंटा बरोट में खड़ी रहती है, लेकिन लोगों द्वारा कई बार मांग करने के बावजूद उसे मियोट रूट पर आगे नहीं भेजा जाता। ग्रामीणों का कहना है कि बरोट में उन्हें अकसर व्यक्तिगत, चिकित्सा या अन्य कार्यों से जाना पड़ता है, लेकिन दिन में बस सेवा न होने के कारण उन्हें महंगी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है बल्कि बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष कठिनाई होती है। खलैहल पंचायत के प्रधान भागमल सहित सभी ग्रामीणों ने सरकार और हिमाचल पथ परिवहन निगम से आग्रह किया है कि बरोट में खड़ी इस बस को दोपहर के समय मियोट तक भेजा जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और वर्षों पुरानी मांग का समाधान है।












