78 वर्ष बाद सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई बड़ा भंगाल घाटी
जिला कांगड़ा की अति दुर्गम बड़ा भंगाल घाटी आजादी के लगभग 78 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। हालांकि पूर्व में ही नहीं बल्कि वर्तमान में भी पंचायत स्तर पर कई बार मांग करने के बावजूद आजतक सत्ता में रहने वाली कोई भी सरकार इस घाटी के लोगों को संपूर्ण सुविधाएं प्रदान ही नहीं कर पाई है। बड़ा भंगाल पंचायत के प्रधान मनसा राम भंगालिया ने बताया कि उनकी पंचायत में दो गांव आते हैं और वर्तमान समय में 78 परिवार रहते हैं जिनकी आबादी लगभग 680 हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में हिम उर्जा कंपनी बिजली आपूर्ति के नाम पर सोलर लाईट का प्रावधान ही हो पाया है और यहां के लोगों को स्वास्थय सुविधा के नाम पर 25 वर्ष पूर्व स्थापित की गई आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी गत लगभग 12 वर्षों से फार्मासिस्ट न होने से बंद ही पड़ी हुई है, वहीं यहां पर स्थापित किए गए राजकीय उच्च पाठशाला में लगभग पांच वर्षों से अध्यापकों के न होने से ताला लटका हुआ है। यहां तक सड़क सुविधा न होने से विकट परिस्थितियों का सामना कर खाद्य व अन्य सामग्री पहुंचाई जाती है। मनसा राम भंगालिया ने एक बार सरकार से मांग की है कि बड़ा भंगाल घाटी की इन ढेरों सारी समस्याओं को मद्देनज़र रखकर इस घाटी को जल्द से जल्द जनजातिय क्षेत्र घोषित कर दिया जाए।












