स्कूल भवन से मलबा उठाने की प्रशासन नहीं उठाई जहमत
-खुद अध्यापक अभिभावक और बच्चे उठा रहे हैं मलबा
-हाईवे की कटिंग से स्कूल को बचाने के लिए प्रशासन बना है मूकदर्शक
धर्मपुर क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हयुण पैहड में 30 जून की भारी बारिश के कारण हाईवे की कटिंग का तमाम मिट्टी पत्थर का मलवा स्कूल की दीवार तोड़कर भवन के अंदर तक बिखर गया था इस कीचड़ पत्थर और कई टन बजनी मिट्टी ने स्कूल के डेस्क कुर्सियां और कमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। स्कूल प्रशासन ने बाकायदा इसकी शिकायत धर्मपुर प्रशासन को की थी, परंतु 10 दिन बीतने के बाद भी आज तक स्कूल भवन से मालवा उठाना, तो दूर रहा हाईवे निर्माण कंपनी के ठेकेदारों द्वारा स्कूल के ऊपर जो बेतरतीब कटिंग की गई थी उससे स्कूल को बचाने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किए हैं। यही नहीं रोजाना हो रही बारिश के कारण ऊपर से मलबा स्कूल की बिल्डिंग पर गिर रहा है, जिसके कारण स्कूल प्रशासन को बच्चों की कक्षा बिठाने में मुसीबत का सामना करना पड़ा है।
स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष बंसी राम ठाकुर ने आरोप लगाया कि उन्होंने लगातार इस मलबे को उठाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है परंतु आज तक कोई भी अधिकारी यहां मौका करने तक नहीं आया है। उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माण में जुटे ठेकेदारों से भी कई बार जेसीबी या लेबर भेज कर स्कूल पर गिर रहे मलवे को हटाने को कहा था, परंतु वह भी कोई भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया प्लस वन और टू के बच्चों को पढ़ाई में मुश्किल आ रही है बाहर बरामदे में भी बारिश और कीचड़ में बिठाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार अध्यापक अभिभावक बच्चे इस मलवे को हटाने में जुटे हैं। अभी भी कोई तीन चार टिप्पर मलवा स्कूल परिसर में पड़ा है। एसएमसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अगर हाईवे निर्माण कंपनी की मनमानियां के चलते स्कूल को कोई भी नुकसान हुआ या किसी बच्चे के साथ कोई भी हादसा हुआ तो वह एसएमसी और गांव वालों को साथ लेकर सड़कों पर उतर कर धरने प्रदर्शन पर बैठने को मजबूर होंगे।
खुद मौके पर जाकर करूंगा कार्रवाई: एसडीएम
इस संदर्भ में एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल ने कहा जैसे ही उन्हें शिकायत मिली थी, उन्होंने तुरंत ठेकेदार को वहां से मलबा हटाने को कहा था। उन्होंने कहा कि वह कल सुबह स्कूल भवन का मौका करेंगे और मलवा नहीं हटाया होगा, तो हर हाल में तमाम मलवा ठेकेदार के माध्यम से हटाया जाएगा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।












