पर्ची शुल्क पर भाजपा प्रवक्ता पंकज जमवाल का सरकार पर तीखा हमला
प्रदेश सरकार द्वारा अस्पतालों में इलाज के लिए पर्ची बनवाने पर 10 रुपये शुल्क लगाए जाने के फैसले की प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज जमवाल ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि सुक्खू सरकार लगातार आम जनता पर नए-नए शुल्क थोप रही है, जिससे जनता का जीना दूभर हो गया है। पंकज जमवाल ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही भाजपा कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद कर जनता को निराश किया। 10 झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया, उल्टा बिजली व पानी के दामों में भारी बढ़ोतरी कर जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जो राजस्व कार्य चंद रुपये में हो जाते थे, उन पर अब सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। छह रुपये में मिलने वाला रेवेन्यू टिकट अब 20 रुपये का कर दिया गया है। वहीं, बसों में न्यूनतम किराया भी 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। अब सरकार ने अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों को भी नहीं बख्शा है। पहले जहां बिना शुल्क के पर्ची बनती थी, वहीं अब मरीजों को 10 रुपये की पर्ची बनवानी पड़ेगी। पूर्व भाजपा सरकार के समय न केवल पर्ची मुफ्त थी, बल्कि दवाइयां और टेस्ट भी निशुल्क मिलते थे। पंकज जमवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पहले से ही मूलभूत सुविधाओं की कमी है और अब अलग-अलग तरह के शुल्क लगाकर सरकार जनता की जेब पर डाका डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो भाजपा सड़कों पर उतरकर इसका जोरदार विरोध करेगी।












