भद्रकाली मंदिर कमेटी भराड़ी ने नहीं माने एसडीएम के आदेश
महादेव स्थित माता भद्रकाली मंदिर कमेटी भराड़ी ने कानून को ताक पर रखकर आरटीआई कानून को तार तार कर दिया और इसमें सुंदरनगर प्रशासन मूक बनकर मात्र औपचारिकताएं निभाने में लगा रहा। एक तरफ कमेटी द्वारा एसडीएम के आदेशों को रौंदा जा रहा था, तो दूसरी तरफ एसडीएम कार्यालय सुंदरनगर दबाव में लग रहा था। इसी बीच आरटीआई कानून तार तार हो गया। गौर हो कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर कमेटी के आय व्यय का ब्यौरा लेने के लिए आरटीआई डाली गई थी, जिस पर कमेटी ने एसडीएम कार्यालय सुंदरनगर को गुमराह कर कह दिया कि हम आरटीआई के दायरे में नहीं आते और हमने कोई सरकारी धन भी नहीं लिया है। इसी जानकारी को एसडीएम कार्यालय ने श्रद्धालुओं को दे दिया। अब एसडीएम कार्यालय प्रबंधन भी कानून के कटघरे में आ गया है। कमेटी का झूठ उन कागजों ने जनता के सामने ला कर रख दिया, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और लोग प्रशासन के खिलाफ जमकर गुब्बार निकाल रहे हैं।
कमेटी ने कब कब लिए सरकारी पैसे
माता भद्रकाली मंदिर कमेटी भराड़ी ने वर्ष 2006 डीसी मंडी से 4,50,000 रुपए प्राप्त किए। दान क्रमांक संख्या 337 में मै. हरीश सिमेंट सुंदरनगर से 2 लाख रुपए प्राप्त किए। सांसद प्रतिभा सिंह ने भी मंदिर कमेटी को धनराशि देने की घोषणा की थी। इसके अलावा आम लोगों ने भी दिल खोल कर दान दिया और कमेटी पैसा लेने के बाद भी कहती है कि हमने कोई सरकारी पैसा नहीं लिया।
मंदिर में क्या है विवाद
माता भद्रकाली मंदिर में माता के शृंगार कक्ष में कमेटी द्वारा लंबे समय से ताला जड़ा हुआ है। इतना ही नहीं उसी कक्ष में माता की शयन शैय्या के उंची चौकीदार का बिस्तर लगा वहां सुलाया जा रहा है। उसी कक्ष में धार्मिक ग्रंथों की भी दुर्दशा हो रही है, जिसको लेकर श्रद्धालु कमेटी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही लाखों रुपए के आय व्यय को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है और मंदिर में बलि तक दी जा रही है, जिसकी वीडियो वायरल हो रही है, लेकिन सुंदरनगर एडीएम कार्यालय ने इसको लेकर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई। कमेटी यहीं नहीं रुकी, पुजारियों को अनुष्ठान भी बरामदे में करने के लिए विवश किया गया।
पुजारियों को खतरा पैदा किया
माता भद्रकाली मंदिर कमेटी भराड़ी पर आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा मांगी गई आरटीआई को कमेटी के सदस्यों द्वारा सोशल मीडिया में डाल कर पुजारियों की जान को खतरा पैदा हो गया है। सीधे तौर पर यह भी आरटीआई कानून का उल्लंघन है। राजनीतिक रसूख के चलते ऐसा किया जा रहा है, लेकिन जनता सड़कों पर दो बार उतर चुकी है और चेतावनी दी जा रही है कि 5000 श्रद्धालुओं द्वारा एडीएम कार्यालय सुंदरनगर का घेराव किया जाएगा।
जानकारी मिली है कि कमेटी द्वारा पुजारियों को तंग किया जा रहा है। मामले को राज्य स्तरीय बैठक में उठाकर सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह से कानून के पालन को लेकर सवाल पूछा जाएगा और कानून के तार तार होने की जानकारी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को भी दी जाएगी।
सोनू भटोउ, प्रदेशाध्यक्ष मठ मंदिर बचाओ संघर्ष समिति।
मंदिर मामले में दोनों पक्षों की बैठक बुलाई गई है और शृंगार कक्ष के ताले को खोलने के आदेश किए गए थे। इस संबंध में मामला संज्ञान में आया है और नवरात्रे भी आ रहे हैं। कमेटी को दोबारा बुला कर आदेश किए जाएंगे।
. अमर नेगी, एसडीएम सुंदरनगर।












