वन अधिकार अधिनियम पर बल्ह उपमंडल में जागरूकता कार्यशाला
-एसडीएम स्मृतिका नेगी ने कहा, ग्राम सभा से लेकर जिला स्तर तक पारदर्शी ढंग से निपटेंगे दावे
बल्ह उपमंडल में वन अधिकार अधिनियम 2006 को लेकर एक विशेष उपमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला की अध्यक्षता एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने की। कार्यक्रम में उपमंडल क्षेत्र की वन अधिकार समितियों (एफआरसी) के प्रधान और सचिव शामिल हुए। एसडीएम नेगी ने विस्तार से बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत उन लोगों को मालिकाना अधिकार मिलेगा, जिनका 20 वर्षों से प्रयोगात्मक कब्जा या 75 वर्षों से स्थायी कब्जा वन भूमि पर है। अनुसूचित जनजातियों के लिए 2005 से पहले कब्जे के प्रमाण अनिवार्य होंगे। अन्य वर्गों को 75 वर्ष पुराने दस्तावेजों के आधार पर ही अधिकार मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि दावों की जांच और समीक्षा की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता से होगी, जिसमें वन अधिकार समिति के साथ राजस्व और वन अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी होगी। ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित दावे उपमंडल स्तरीय समिति (एसडीएलसी) को भेजे जाएंगे और उसके बाद जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) अंतिम निर्णय लेगी। एसडीएम नेगी ने बताया कि इसके अनुसार ग्राम सभा व दावे आमंत्रित कर सकती है और हर समुदाय को अपना दावा समय पर पेश करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि दावों का निपटारा समयबद्ध और निष्पक्ष रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को वन अधिकार कानून से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान किया गया।












