हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद भी नहीं जागा प्रशासन . बेरोकटोक जारी है धर्मपुर की खड्डों में खनन . हाईकोर्ट के आदेशों बाद की जांच में भी पाया गया था अवैध खनन
उपमंडल की खड्डों में गत तीन दशकों से चल रहा अवैध खनन माननीय उच्च न्यायालय द्वारा कड़ा संज्ञान लेने के बावजूद भी नहीं रुक रहा, जिससे साफ जाहिर होता है कि इन अवैध खननकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। क्षेत्र की सोनखड्ड, बल्याणा, संक्रैण, अलैन खड्ड इत्यादि बरसाती खड्डों पर रात दिन अवैध खनन किया जा रहा है जिसमें जेसीबी मशीनें, टिपर, ट्रैक्टर और सैकड़ों प्रवासी मजदूर जुटे हैं लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।
क्या है मामला:
बल्याणा खड्ड में हो रहे अवैध खनन पर उच्च न्यायालय ने सरकार के सक्षम प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त खननकर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने प्रतिवादियों को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता भागमल के आरोपों की जांच कराई जाए। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 मई 2025 को खड्ड में निरीक्षण के दौरान नदी के तटों और तल को मशीनों से खोद कर नष्ट कर दिया गया है जिसमें बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। ताज़ा खनन सामग्री भी पाई गई। खड्ड के केंद्र में एक दीवार भी पाई गई जिसे रेत बजरी इकट्ठा करने के लिए खड़ा किया गया है। खड्ड से रेत बजरी के टिपर भी गुजरते देखे गए। जिन लिंको को बंद कर दिया गया था वह खुले मिले। शिकायतकर्ताओं को आरोप है कि यह तमाम अवैध खनन राजनेताओं प्रशासन और पुलिस की मिली भक्ति से किया जा रहा है कोर्ट और लोगों को दिखाने के लिए 50 टिप्पर उठाने के बाद सिर्फ एक टिप्पर का चालान किया जाता है अगर यह मिली भक्ति बंद हो जाए तभी धर्मपुर में अवैध खनन रुक सकता है
हाई कोर्ट के निर्देशों पर भी नहीं जागे विभाग -
बल्याणा खड्ड में अवैध खनन को रोकने के लिए कई दशकों से आवाज उठा रहे भागमल गुलेरिया की याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय ने शक्ति प्राप्त सभी विभागों को निर्देश जारी किए थे कि इस संदर्भ में जांच की जाए। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया था ताकि पर्यावरण को हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा मिल सके लेकिन याचिकाकर्ता का कहना है कि कोर्ट द्वारा सख्ती बरते जाने के बावजूद न तो प्रशासन जागा न ही कोई विभाग। भागमल का कहना है कि 22 मई को कोर्ट ने नाल्ड से शिवद्वाला तक अवैध खनन की पूरी रिपोर्ट चाही थी और अगली सुनवाई आठ जुलाई को रखी गई लेकिन मौके के हालात यह हैं कि किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और अवैध खनन करने वाले पूरे उत्साह से खनन में जुटे हुए हैं।
हाईवे निर्माण कंपनी भी जुटी है अवैध खनन में
पाड़छू धर्मपुर कोटली तक निर्माणाधीन नेशनल हाईवे के निर्माण में ड्यूटी कंस्ट्रक्शन कंपनी राजनीतिक संरक्षण के चलते शिव द्वारा खाद में जेसीबी मशीन लगाकर अवैध खनन करने में दिन-रात जुटी है। बावजूद इसके किसी भी विभाग ने आज तक उनका कोई भी चालान नहीं किया है, जिसके चलते हौसले बुलंद है। यही नहीं धर्मपुर के विधायक के बहरी स्थित घर के बहरी खड्ड में जेसीबी लगाकर दिन-रात अवैध खनन किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन पुलिस को कई बार शिकायतें दिए परंतु उसे पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई मजबूरन उन्हें हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।
जहां भी शिकायतें मिली वहां की कार्रवाई: एसडीएम
एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा जिनके पास धर्मपुर का कार्यभार भी है उनका कहना है कि अवैध खान रोकने के लिए प्रशासनिक पूरे प्रयास किए हैं, जहां से भी लोगों की शिकायतें मिली है वहां पर कार्रवाई की गई है।
अवैध खनन के किए जा रहे नियमित चालान: डीएसपी
डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने कहा कि पुलिस खनन रोकने को लेकर पूरे प्रयास कर रही है। कोई 15 केस अवैध खनन को लेकर किया जा चुके हैं, कुछ मामले कोर्ट में भी पेश किए जा चुके हैं।












