बालीचौकी के हालात नहीं सुधरे तो आमरण अनशन करेंगे : संतराम
. जिलाधीश मंडी को सौंपा आपदा के दौरान हुई बदहाली बारे ज्ञापन
बालीचौकी उपमंडल में बरसात के दौरान मची तबाही के उपरांत प्रशासनिक विफलता को लेकर अब क्षेत्र के लोगों ने आमरण अनशन और जन आंदोलन की धमकी दी है। प्रेस को दिए एक लिखित बयान में पूर्व जिला परिषद सदस्य संत राम और दिले राम ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र ही बालीचौकी क्षेत्र के हालात नहीं सुधरे तो उन्हें जन आंदोलन के अतिरिक्त आमरण अनशन करने पर भी मजबूर होना पड़ सकता है। संत राम ने कहा कि पूरा बालीचौकी क्षेत्र पिछले 2 माह के चलते आपदा से पूरी तरह प्रभावित है, लेकिन क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से संचार सेवा पूरी तरह से अस्त व्यस्त है। सड़कें बंद है और पेयजल की किल्लत से लोगों को लगातार जूझना पड़ रहा है। संत राम ने बताया कि बालीचौकी की 90 प्रतिशत सड़कें बंद पड़े हैं और पैदल रास्ते भी चलने योग्य नहीं रहे हैं। सड़कें बंद होने से जहां लोगों को राशन एवं अन्य जरूरी सामानों की किल्लत से जूझना पड़ रहा है, वहीं किसानों एवं बागवानों के उत्पाद खेतों में सड़ गए हैं। इस विषय पर बालीचौकी क्षेत्र के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने संत राम के नेतृत्व में जिलाधीश मंडी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें क्षेत्र को आपदा से उबारने के लिए विशेष टीम का गठन किया जाए, ताकि वरीयता के आधार पर क्षेत्र को बदहाली के दौर से निकाला जा सके। ज्ञापन में अपना रिहायशी घर खो चुके लोगों के पुनर्वास की ओर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में बदहाल विद्युत और पेयजल सेवाओं को भी शीघ्र बहाल करने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्टी के युवा नेता देवेंद्र प्रताप सिंह, दूले सिंह, नारायण सिंह एवं नेत्र सिंह भी शामिल रहे।












