सड़क किनारे सूखे पेड़ों की कटाई को दी मंजूरी
जोगिंद्रनगर-सरकाघाट मार्ग पर भट्ठा के पास 17 मई को एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय राजमल की उस समय मौत हो गई जब तेज़ तूफान के दौरान एक सूखा पेड़ उनकी चलती स्कूटी पर गिर पड़ा। राजमल बस्सी स्कूल में कार्यरत थे और नाइट शिफ्ट के लिए ड्यूटी पर जा रहे थे। हादसे के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। एडवोकेट सुनित ठाकुर द्वारा इस घटना को लेकर स्थानीय उपमंडल अधिकारी (नागरिक) मनीष चौधरी को शिकायत दी गई, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने भारतीय दंड संहिता की धारा 133 के तहत कार्रवाई की। प्रशासन ने वन विभाग को आदेश जारी करते हुए भट्ठा क्षेत्र के समीप खड़े सभी सूखे और खतरनाक पेड़ों को 15 दिनों के भीतर काटने के निर्देश दिए हैं। यह कदम आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इस संबंध में वन विभाग की टीम ने रेंज ऑफर के नेतृत्व में घटना स्थल का निरीक्षण किया और रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया कि सड़क किनारे खड़े कई सूखे पेड़ जनता की जानमाल के लिए खतरा बन चुके हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा लंबे समय से इन पेड़ों को हटाने की मांग की जा रही थी। प्रशासन ने संबंधित विभाग को यह भी निर्देश दिए हैं कि पेड़ों की कटाई पूर्ण सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए शीघ्रता से पूरी की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह निर्णय क्षेत्रवासियों के लिए राहतभरी खबर है। स्थानीय जनता ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है।












