पर्यटन के विकास की घोषणाएं हवा हवाई
वैसे तो आजतक सत्ता में रहने वाली सरकारें पर्यटन के विकास की घोषणाएं हर सार्वजनिक मंचों से करती ही आ रही हैं, मगर धरातल पर अभी तक कुछ खास नजर ही नहीं आ रहा है। इसका तरोताजा उदाहरण छोटाभंगाल तथा चौहार घाटी को पर्यटकों को लुभाने के लिए कई पर्यटन स्थल होने के बावजूद सरकार द्वारा पर्यटन के मानचित्र पर न दर्शा पाना तथा भू–भू जोत कुल्लू प्रस्तावित सुरंग निर्माण का कार्य शुरू न हो पाना है। जिस कारण इन दोनों घाटियों के पर्यटन व्यवसायियों व अन्य समस्त लोगों में सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने पूर्व कार्यकाल में केंद्रीय सड़क मार्ग व परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी ने हिमाचल में आए एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के लिए 69 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की घोषणा की थी। उनमें से घटासनी–कुल्लू मार्ग भी शामिल थे और उसके बीच भू-भू जोत कुल्लू सुरंग का निर्माण भी प्रस्तावित था, मगर सरकार बदलने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में ही चला गया था, मगर अब केंद्र में एक बार फिर से भाजपा की सरकार होने के चलते इसके दोबारा निर्माण करने के पूरे आसार जग गए हैं। इस सुरंग निर्माण से जोगिंद्रनगर से कुल्लू की दूरी लगभग 70 किलोमीटर कम हो जाएगी। भू-भू जोत कुल्लू सुरंग के बनने से एक तो चौहार घाटी में पर्यटन विकसित होकर यहां के व्यवसायियों तथा बेरोजगारों के लिए रोज़गार के द्वार भी खुल जाएंगे, वहीं सुरक्षा के लिहाज से यह सुरंग सुगम रहेगी। चौहार घाटी के समाज सेवक व पूर्व सूबेदार रामसरन चौहान ने चौहार घाटी तथा छोटाभंगाल घाटी के समस्त लोगों की ओर से द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर तथा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि भू-भू जोत कुल्लू सुरंग का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र करवाया जाए। इस बारे में द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर का कहना है कि इस महत्वाकांक्षी मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर इसे अवश्य ही धरातल पर उतारा जाएगा। फोटो
6 एमएनडी बरोट.1: पूर्व सूबेदार रामसरन चौहान का फोटो भी भेज दिया गया है।












