नशा न करने वालों को मिला सम्मान, महिलाओं की जागरूकता बनी प्रेरणा
धर्मपुर के सजाओपीपलु में नशा मुक्ति अभियान समिति द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा नहीं किया। खासतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र पार कर चुके लोगों को इस मंच से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मातृ शक्ति ने प्रस्ताव पारित कर ऐसे लोगों को नशा मुक्त समाज के प्रतीक के रूप में सराहा। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर प्रियंका ने व्यंग्य करते हुए कहा कि महिलाएं भले नशा न करें, लेकिन उन्हें कुछ और तरह के नशे जरूर होते हैं, जैसे काम करना, सूट खरीदना और नशेड़ी पति या पड़ोसियों को झेलना। उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी, खासकर लड़कियां, भी सिंथेटिक नशे की गिरफ्त में आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। मुख्य अतिथि डॉ. वीना राठौर ने बताया कि धर्मपुर में अभियान का नेतृत्व कर रहे एथलेटिक्स कोच भूपिंदर भूप्पी खुद नशा मुक्त हैं और उन्होंने बेटों की शादी में भी शराब परोसने से इनकार किया। इसी तरह, अन्य पदाधिकारी जैसे भूपेंद्र सिंह, राजपाल, राजेंद्रपाल, डॉ. अश्विनी राठौर और कंचना देवी भी नशे से दूर हैं और समाज के लिए मिसाल बने हैं। समिति का उद्देश्य ऐसे लोगों को मंच देना है, जो नशा मुक्त रहकर समाज को सही दिशा दिखा रहे हैं।












