कुकलाह में मनरेगा श्रमिकों के लिए जागरूकता शिविर
पंडोह क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुकलाह विकास खंड बाली चोकी में हिमाचल प्रदेश मनरेगा एवं सर्व कामगार संगठन द्वारा मंगलवार को एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिशिर में मुख्यरूप से संगठन के प्रदेशाध्यक्ष संत राम ने मनरेगा श्रमिकों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। जिसमें उन्होंने श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से श्रमिकों व उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मनरेगा को ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड करने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य साधन बन चुका है। इसलिए इसे श्रमिकों की पहुंच के लिए और अधिक आसान करना होगा। पारदर्शिता जरूरी है मगर श्रमिकों के अधिकार भी उतने ही आवश्यक है। समय पर मजदूरी न मिलना आज भी बड़ी समस्या बना हुआ है। इस शिविर में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लेते हुए अपनी अपनी समस्याएं में सांझा की। संत राम ने बताया कि मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन का रोजगार और न्यूनतम मजदूरी का अधिकार है। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता है। कार्यस्थल पर पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा अनिवार्य है। श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकरण से स्वास्थ्य, दुर्घटना बीमा और पेंशन योजनाओं का लाभ मिल सकता है। निर्माण कार्य में लगे श्रमिक कल्याण बोर्ड की योजनाओं के लिए पात्र हैं। शिविर में संगठन की स्थानीय इकाई का गठन हुआ, जिसमें फतेह सिंह को अध्यक्ष चुना गया। इस आयोजन ने श्रमिकों में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुकलाह पंचायत मनरेगा कामगार एवं सर्व कामगार संगठन की कार्यकारिणी में फते राम प्रधान, लछु राम सचिव, किशन चंद उप प्रधान, लेशरू देवी उप प्रधान, दिशा कुमारी सह सचिव, सदस्य पुन्नी देवी, तेज सिंह, माया देवी और कोषाध्यक्ष धनी देवी को सर्वसम्मति के साथ चुना गया।












