ऊन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि पर विचार कर रही सरकार: सुक्खू
हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में गद्दी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पद पर गद्दी समुदाय का प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गद्दी समुदाय की कठिनाइयों से अवगत है तथा इस समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऊन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि पर विचार कर रही है तथा सभी हितधारकों से परामर्श के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भेड़-बकरी पालकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
आर्थिक सहायता बढ़ाने पर होगा विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए मानसून आपदा 2023 के दौरान प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज प्रस्तुत कर मुआवजे की राशि को कई गुणा बढ़ाया। इस पहल के तहत भेड़, बकरी और सूअर की मृत्यु पर वित्तीय सहायता को 4000 रुपए से बढ़ाकर 6000 रुपए किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पशुपालक समुदाय की सहायता के लिए इस वित्तीय सहायता को और अधिक बढ़ाया जाएगा।
सीएम की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का करेंगे प्रयास : मनोज
भेड़ और बकरियों की मृत्यु पर मुआवजे बढ़ाने की सराहना की। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज कुमार ने इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह समर्पण भाव से कार्य कर मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनकी नियुक्ति चंबा और कांगड़ा जिला में रहने वाले पूरे गद्दी समुदाय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने भेड़ और बकरियों की मृत्यु पर मुआवजे को बढ़ाने के लिए सरकार की सराहना की। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।












