महिलाओं ने होली के लिए तैयार किया 10 क्विंटल हर्बल रंग
सिरमौर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित 500 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 10 क्विंटल हर्बल रंग तैयार किए हैं। खास बात यह भी है कि इन रंगों को लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सिरमौर जिले में 3966 स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं। इनमें 500 स्वयं सहायता समूह ने 10 क्विंटल हर्बल रंग तैयार किए हैं। समूह की महिलाएं हिमईरा की दुकानों व अन्य माध्यमों से इन्हें बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे है। रंगों की बिक्री के लिए महिलाओं द्वारा नाहन में एक स्टॉल भी लगाया गया है जहां लोग हर्बल रंगों की खूब खरीदारी कर रहे है। स्वयं सहायता समूह की महिला संगीता ने बताया हर्बल कलर में फूल, फ्रूट कलर, चुकंद्र और आरारोट का इस्तेमाल किया है। यह किसी भी तरह से शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ग्रामीण विकास अभिकरण(DRDA) वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि उन्होंने कहा कि हर वर्ष जिला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाओं द्वारा होली के लिए हर्बल कलर तैयार किए जाते है। इस वर्ष अभी तक 10 क्विंटल से अधिक हर्बल कलर महिलाओं द्वारा तैयार किया जा चुके हैं। जिनकी जिला में सभी हिम इरा शॉप के अलावा विभिन्न स्थानों पर स्टाल लगाकर बिक्री की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक महिला द्वारा तीन कुंतल से अधिक हर्बल कलर भेज दिया गया है और उम्मीद है कि होली तकिया महिलाएं 15 क्विंटल हर्बल कलर की बिक्री करेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार किया गए हर्बल रंग के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं पहुंचता है जबकि आमतौर पर बाजार में मिलने वाले रंगों में केमिकल का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि हर्बल कलर की बिक्री से महिलाओं की खूब आमदनी भी हो रही है। स्वयं सहायता समूह की ओर से हरा, पीला, लाल, नारंगी और गुलाबी रंग तैयार किए गए हैं। महिलाओं की इस पहल से एक तरफ जहां लोगों को हर्बल कलर का इस्तेमाल कर पाएंगे वहीं दूसरी तरफ महिलाओं की आमदनी का भी यह बड़ा जरिया बन गया है।