ग्रामीण ने किया सोलर पावर प्रोजेक्ट अघलौर के रास्ते को बंद
उपमंडल बंगाणा के 10 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट अघलौर का रास्ता बंद करने पर आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि विजय कुमार जो कि स्थानीय निवासी है, ने जब से अघलौर में सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्टार्ट हुआ है। तब से ही रास्ते को लेकर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उन्होंने बुधवार सुबह 8 बजे ही जो रास्ता मेन रोड से प्रोजेक्ट की तरफ आता है, उसे पूर्ण रूप से बंद कर दिया। विभाग इसकी निशानदेही चार बार ले चुका है, परंतु सही जमीन का पता लगाने की अभी तक भी यथास्थिति बनी हुई है। बुधवार सुबह जब विभाग के कर्मचारी तथा हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के ऑफिसर प्रोजेक्ट में आ रहे थे, तब देखा कि विजय कुमार ने रास्ता बंद कर दिया है। उनका कहना है कि यह जमीन जो रास्ते में आ रही है, वह मेरी है। बता दें कि विजय कुमार जो स्थानीय निवासी है, उसने कई बार प्रोजेक्ट को न लगने की कोशिश की तथा दूसरी तरफ रमेश चंद्र शास्त्री जो कि वार्ड पंच अगलौर के हैं, उनकी जमीन लगती है। जब भी रास्ता बनाने की बात आती है, तो एक तरफ विजय कुमार तथा दूसरी तरफ रमेश चंद शास्त्री जमीन पर अपना हक जमाते हैं, जबकि कागजों में राजस्व विभाग द्वारा 25 मीटर रोड के साथ तथा 7 मीटर प्रोजेक्ट के साथ सरकारी जमीन लगती है, जो कि रास्ता दिखाया गया। गांववासी अघलौर तथा अन्य बुजुर्ग लोग कहते हैं कि यह रोड बहुत पुराना है तथा बोर्ड से संबंधित है। अभी यह बात बताना जरूरी है कि शीघ्र ही 10 मेगावाट सोलर पावर प्लांट हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को समर्पित किया जाएगा और इसका शीघ्र ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा राज्य को समर्पित करने वाले हैं तो विभाग तथा ठेकेदार इस असमंजस में हैं कि रास्ता बनाया जाए तो कहां। कंपनी का कहना है कि इस रास्ते की वजह से तीन-चार महीने काम बाधित हुआ है और कम से कम करोड़ों का नुकसान हुआ है। कंपनी के प्रशासक देवराज सांखला ने कहा है कि जब से प्रोजेक्ट शुरू हुआ है, छोटी-मोटी परेशानियां आई हैं परंतु रास्ता बंद करना कोई अच्छी बात नहीं है। अगर हमें निशानदेही सही रूप में दी जाए तो हम आगे काम कर सकते हैं, अन्यथा रोड बनाना तथा इसका कार्य करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।