नम आंखों से राख बने आशियानों को निहारते रहे अग्नि प्रभावित
बंजार घाटी के तांदी गांव में बुधवार शाम को लगी आग के प्रभावित परिवारों को सर्द रातों में अब जीवन यापन की चिंता सताने लगी है। घटना के दूसरे दिन जहां प्रभावित लोगों ने अपने रिश्तेदारों व आस पड़ोस के लोगों के साथ आग की लपटों से बचाए सामान को समेटा। वहीं, आंखों में आंसू लिए उजड़े अपने आशियानों की बनी राख को निहारते रहे। तांदी गांव दूसरे दिन भी शाम तक सुलगता रहा और वीरवार को अग्निशमन कर्मी आग को बुझाने में जुटे रहे। भीषण अग्निकांड में आधा गांव चपेट में आने से माहौल गमगीन है। वहीं, वीरवार सुबह स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी भी मौके पर पहुंचे और अग्निकांड से प्रभावित लोगों से मिलकर उनको हरसंभव सहायता करने का भरोसा दिया। अग्निशमन विभाग बंजार के प्रभारी लेखराज ने कहा कि उन्हें आग को पूरी तरह से बुझाने में 20 घंटे का समय लगा है। पहले दिन उनकी टीम रात चार बजे तक डटी रही और वीरवार को फिर मौके पर पहुंचे और सुलगती रही और शाम 5 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। वहीं, आग से हुए नुकसान का आकलन करीब दस करोड़ रुपए किया गया है। पूरी तरह से काष्ठकुणी शैली में बने मकानों के जलने के बाद सब कुछ राख के ढेर में तब्दील नजर आया। अग्निशमन विभाग बंजार और लारजी की टीम दूसरे दिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक पानी की बौछार डालती रही। इससे पहले भी अग्निशमन विभाग कुल्लू , बंजार व लारजी से तीन दमकल वाहन बुधवार शाम से लेकर वीरवार सुबह तड़के 4 बजे तक आग को बुझाने में लगे रहे। इसके बाद सुबह 8 बजे फिर अग्निशमन विभाग के दो वाहन और पहुंचे और सुलगती आग को बुझाया। प्रभावित हेत राम ठाकुर, दलीप सिंह, दुनी चंद तथा यज्ञ चंद ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि यह सब कुछ कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि अग्निंकाड ने तांदी गांव के लोगों को ऐसे जख्म दिए, जो ताउम्र नहीं भरेंगे।
डीसी ने प्रभावितों से मिलकर साझा किया दुख-दद
डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने वीरवार को बंजार के जीभी के निकट तांदी गांव में बुधवार को हुई आगजनी की घटना से प्रभावित गांव का दौरा किया। उन्होंने आगजनी से प्रभावित लोगों के लिए चलाए गए राहत कार्यों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रभावितों के लिए राहत के तौर पर नियमानुसार 15 हजार रुपए प्रति परिवार दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से 50 हजार रुपए प्रति परिवार के रूप में 33 प्रभावित परिवारों को कुल 16 लाख 50 रुपए की राहत राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही आवश्यक सामान, कंबल, खाना पकाने के बर्तन, हाइजीन किट तथा तिरपाल आदि भी प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त भी प्रभावितों की किसी भी प्रकार की आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर बिजली, पानी आदि की व्यवस्था को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए एलपीजी गैस के लिए भी व्यवस्था की जाएगी तथा उन्होंने दो मोबाइल टॉयलेट गांव में स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए उनका दुख-दर्द साझा किया। वहीं, सभी प्रभावित लोगों ने प्रशासन द्वारा त्वरित रूप से राहत कार्य करने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रशासन ने जल्द कदम उठाते हुए अग्निशमन सहित आवश्यक राहत सामग्री प्रदान की है, जिसके लिए लोगों ने डीसी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर एसपी कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन, एपीएमसी के अध्यक्ष राम सिंह मियां, कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर, एसडीएम पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभावितों ने किया डीसी का धन्यवाद
तांदी अग्निकांड प्रभावितों ने डीसी के गांव में दौरे के दौरान उनका धन्यवाद किया। डीसी कुल्लू तोरूल एस रवीश ने वीरवार को जब प्रभावित गांव का दौरा कर प्रभावितों से बातचीत की तथा राहत कार्यों का जायजा लिया, तो लोगों ने अग्निकांड के दौरान प्रशासन द्वारा मुस्तैदी के साथ अग्निशमन तथा अन्य राहत कार्यों को त्वरित रूप से अंजाम देने के लिए डीसी का धन्यवाद किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि जैसे ही प्रशासन को इस घटना की सूचना मिली एसडीएम बंजार सहित समस्त अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे तथा उन्होंने राहत कार्यों को देर रात तक अंजाम दिया। डीसी ने सभी प्रभावितों को आवश्यक खाद्य सामग्री सहित रेडक्रॉस की ओर से 50 हजार रुपए प्रति परिवार के लिए चेक प्रदान किए। डीसी ने आवश्यक सामान, कंबल, खाना पकाने के बर्तन, हाइजीन किट तथा तिरपाल आदि भी प्रदान किए।