मेयर बबला ने यूटी प्रशासक से मांगी तत्काल वित्तीय सहायता
चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने मंगलवार को चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। कटारिया ने व्यापक जनहित से संबंधित विभिन्न प्रमुख मुद्दों को उठाया और एमसी चंडीगढ़ की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ इसके कर्मचारियों के कल्याण का आग्रह किया। मेयर ने प्रशासक को बताया कि नगर निगम चंडीगढ़ (एमसीसी) शहर के बुनियादी ढांचे को बनाए रखने और विकसित करने, स्वच्छता सुनिश्चित करने और बिना किसी लाभ, बिना नुकसान के आधार पर आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि, अपने अथक प्रयासों के बावजूद, निगम को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इन महत्वपूर्ण कार्यों को जारी रखने की उसकी क्षमता बाधित हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि एमसीसी की स्थापना के साथ, इंजीनियरिंग विभाग, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी और फायर एंड इमरजेंसी विंग सहित चंडीगढ़ प्रशासन के कई विभागों को इसके अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, अधिसूचित क्षेत्र समिति, मनीमाजरा के कर्मचारी और जिम्मेदारियाँ भी एमसीसी के दायरे में आती हैं। इंजीनियरिंग विभाग में स्वयं सार्वजनिक स्वास्थ्य, बीएंडआर, बागवानी और इलेक्ट्रिकल विंग शामिल हैं। एमसीसी की ज्मिेदारियां और वित्तीय चुनौतियां एमसीसी चंडीगढ़ प्रशासन से अनुदान सहायता पर अत्यधिक निर्भर है। उन्होंने आगे कहा कि एमसीसी की स्थापना के साथ, इंजीनियरिंग विभाग, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी और फायर एंड इमरजेंसी विंग सहित चंडीगढ़ प्रशासन के कई विभागों को इसके अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, अधिसूचित क्षेत्र समिति, मनीमाजरा के कर्मचारी और ज्मिेदारियाँ भी एमसीसी के दायरे में आती हैं। इंजीनियरिंग विभाग में स्वयं सार्वजनिक स्वास्थ्य, बीएंडआर, बागवानी और इलेक्ट्रिकल विंग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एमसीसी संपत्ति कर और पानी के बिलों के माध्यम से कुछ राजस्व उत्पन्न करती है, लेकिन ये फंड शहर में नागरिक सुविधाओं को बनाए रखने की बढ़ती लागत को कवर करने के लिए अपर्याप्त हैं। मेयर ने प्रशासक के समक्ष कुछ प्रमुख मुद्दे भी उठाए, जिनमें सड़क अवसंरचना, हरित स्थान और सौंदर्यीकरण व स्वच्छता और पशु कल्याण आदि शामिल हैं।