परवाणू-सोलन फोरलेन पर अब बनेंगी ज्यादा सुरंग
योजना सिरे चढ़ी तो परवाणूसोलन फोरलेन पर सफर अब और ज्यादा सुगम होगा। अलाइनमेंट और भू-स्खलन को लेकर विवादों में घिरे इस फोरलेन की नए सिरे से ड्राइंग बनने जा रही है, जिसमें ज्यादा से ज्यादा सुरंगें बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इस दिशा में एनएचएआई ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निर्देशानुसार कार्य शुरू भी कर दिया है। निर्माण के तीन साल के दौरान ही फोरलेन पर लैंडस्लाइड और धंसने के कारण निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे, जिसके चलते केंद्रीय मंत्री ने एनएचएआई को दोबारा डीपीआर बनाने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर अब्दुल बासित फोरलेन के तहत चक्की मोड़ सहित अन्य स्लाइडिंग जोन के निरीक्षण के दौरान स्वयं कह चुके हैं कि परवाणू-सोलन फोरलेन प्रदेश का सबसे पहला प्रोजेक्ट था। ऐसे में बहुत सी खामियां रही हैं। अब नई ड्राइंग बनाते समय टनल की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। इस रूट पर अभी समलेच में करीब 1100 मीटर की टनल बनी है। हाल ही में विधायक व मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल परवाणू-सोलन के बीच टनल निर्माण की संभावनाएं तलाशने की बात कह चुके हैं। गौरतलब है कि दो वर्ष पहले आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी सोलन से परवाणू तक फोरलेन की हालत को बेहद खराब बताया था। उन्होंने सड़क को दोबारा बनाने और दूरी कम करने के लिए गडकरी के समक्ष प्रस्ताव भी रखा। सुक्खू के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भी माना। बीते दिनों कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी भी फोरलेन के मामले में गडकरी से मिल चुके हैं।