कशमल के अवैध खनन की सत्यता जानने मसरूंड रेंज पहुंचे समाजसेवी कपिल शर्मा
चंबा जिले की मसरूंड रेंज में कशमल के अवैध खनन की सत्यता की जांच के लिए समाजसेवी कपिल शर्मा सहित स्थानीय पत्रकारों ने उक्त क्षेत्र के कुछ स्थानों का दौरा किया और हकीकत को जानने का प्रयास किया। जहां पर स्पष्ट रूप से वन भूमि पर कशमल को उखाडऩे के प्रमाण मौजूद हैं। नालों की आसपास की भूमि से भी कशमल उखाडऩे के प्रमाण मौजूद हैं। कैंथली के साथ लगते क्षेत्र में भी भारी मात्रा में वन भूमि से कशमल उखाड़ी गई है, जिसकी वीडियो सुबह ही शेयर कर दी गई थी, जो स्थानीय ग्रामीण ने ही बनाई है। यह तो कुछ क्षेत्र हैं, पूरे परिक्षेत्र में कशमल तहस नहस हो चुकी है। ऐसा पता लगाना इसलिए जरूरी था क्योंकि डीएफओ वन मंडल चंबा ने इस बात का खंडन किया था कि वन भूमि पर कशमल का अवैध खनन नहीं हुआ है। इसी दौरान कुठेड़ पंचायत के कुछ लोग जो इस कशमल के खनन में सक्रिय हैं, ने टीम का रास्ता रोका व पत्रकारों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा। लोगों ने कहा कि वे अपनी मांग रखना चाहते हैं। लोगों ने सरकार से मांग रखी है कि वे अपने क्षेत्र से कशमल उखाडऩा चाहते हैं। अब प्रश्न यह है कि क्या ये वही लोग हैं, जिन्होंने वन भूमि को तहस नहस किया है और जो थोड़ी बहुत वन संपदा बची हुई है उसका भी सफाया करना चाहते हैं? यदि ऐसा है तो इस बात की गंभीरता से जांच होना जरूरी है। इस बात से एक बात तो स्पष्ट हो जाती है कि जो लोग कशमल को उखाडऩे की मांग कर रहे हैं, वास्तव में वही लोग वन भूमि की कशमल के विनाश के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अत: अब आवश्यक हो गया है कि किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा राजस्व विभाग की उपस्थिति में सारी वन भूमि का निरीक्षण किया जाए तो सच का सच और झूठ का झूठ स्वयं पता चल जाएगा।