सरदार पटेल की जन्मभूमि की मिट्टी विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणा और गौरव का प्रतीक: आचार्य ललित कुमार अवस्थी
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर एमओयू के अंतर्गत सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के इतिहास विभाग व सरदार पटेल विश्वविद्यालय वल्लभ विद्यानगर के लिए सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा से लौटे विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण आचार्य राजेश कुमार शर्मा नेतृत्व में सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मभूमि करमसद (गुजरात) की पवित्र मिट्टी कलश कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी को भेंट किया। इस अवसर पर प्रति कुलपति आचार्य अनुपमा सिंह, कुलसचिव डॉ. मदन कुमार, वित्त अधिकारी हंसराज सेनी, परीक्षा नियंत्रक इंजीनियर सुनील वर्मा उपस्थित रहे। इस दौरान कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा न केवल शिक्षण का एक माध्यम रही है अपितु इससे विद्यार्थियों को देश के स्वतंत्रता संग्राम और सरदार पटेल के योगदान को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय इतिहास के महानायक थे। उनकी जन्मभूमि करमसद की मिट्टी हमारे विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणा एवं गौरव की प्रतीक है। यह हमें राष्ट्रीय एकता, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि इतिहास विभाग द्वारा किया गया यह प्रयास विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और इतिहास के प्रति रुचि को और प्रबल करेगा। यह कलश सरदार पटेल विश्वविद्यालय वल्लभ विद्यानगर के कुलपति आचार्य निरंजन पटेल, विभागाध्यक्ष इतिहास आचार्य जगीष पंडया, सह आचार्य बसंत पटेल, डॉ. दलीप चौधरी व डॉ. हेमंत दवे द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भेंट किया गया। शैक्षणिक भ्रमण संयोजक डॉ. राकेश कुमार शर्मा एवं आयोजन सचिव विकेश कुमार ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान 34 सदसीय दल ने सरदार वल्लभभाई पटेल के घर करमसद, सरदार पटेल स्मारक, उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर, स्वामी नारायण मंदिर, जंगल सफारी, कमलम पार्क आदि स्थानों का दौरा किया और सरदार पटेल विश्वविद्यालय वल्लभ विद्यानगर में परीक्षा शाखा, मयुजियम, कुलपति कार्यलय, केंद्रीय पुस्तकालय, खेल परिसर सहित विभिन्न विभागों का भ्रमण किया व विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों व इतिहासकारों से बातचीत की। इंडस्ट्रियल विजिट के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अमूल चौकलेट प्लांट व अमूल डेयरी का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिमाचली संस्कृति का बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रही और उन्होंने इसे अपने अकादमिक अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इस यात्रा से विद्यार्थियों को इतिहास को पुस्तकों से परे वास्तविकता में अनुभव करने का अवसर मिला। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण आचार्य राजेश कुमार शर्मा, अधिष्ठाता अकादमिक मामले डॉ. करण गुप्ता, अधिष्ठाता योजना एवं विकास डॉ. सुनील ठाकुर, अधिष्ठाता शोध डॉ. लखवीर सिंह, अधिष्ठाता प्रबंधन डॉ. पवन चांद सहित संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।