पहले की नौकरी; अब बने उद्यमी , सपना किया साकार
पढ़-लिखकर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति भी आसान हो जाती है। आशीष कुमार ने पहले नौकरी की, लेकिन लोन लेकर जब अपना उद्योग शुरू किया, तो वह सपने को साकार करने में तो कामयाब हुआ ही, औरों को रोजगार मुहैया करवाने में भी उसने मंजिल हासिल कर ली। इसके लिए उद्योग विभाग से उसे 40 लाख रुपए का जो लोन मिला, उसी के तहत वह इस मंजिल को पाने में सक्षम हो पाया, क्योंकि 30 फीसदी की सब्सिडी भी उसे इसी में मिली, यहीं से उसको प्रोत्साहन मिला। भोरंज इलाके के बेहड़वीं जट्टां गांव के युवा इंजीनियर आशीष धीमान ने यह सब कुछ करके दिखाया है। 40 लाख रुपए का ऋण एवं 30 प्रतिशत सब्सिडी पाने के बाद आशीष ने अपने घर के पास ही फ्लाई-ऐश की ईंटों का प्लांट लगाया है और इस प्लांट में रोजाना 5 से 6 हजार तक ईंटें तैयार कर रहे हैं। पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखने वाले आशीष ने टैक्सटाइल्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी शुरू की थी। उनके पिता कनिष्ठ अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और भाई नगर निगम चंडीगढ़ में एसडीओ के पद पर तैनात हैं। आशीष की पत्नी भी उपायुक्त कार्यालय मंडी में सेवारत हैं। घर से दूर कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी के दौरान आशीष ने कई बार अपना स्टार्टअप उद्यम शुरू करने के सपने देखे, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए, उनका यह सपना साकार नहीं हो पा रहा था।
फ्लाई-ऐश ईंटों को खूब पसंद कर रहे लोग
आशीष ने बताया कि उनके प्लांट में रोजाना 5-6 हजार ईंटें बन रही हैं और वह हर महीने 50 से 60 हजार तक ईंटें बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग इन ईंटों को काफी पसंद कर रहे हैं, क्योंकि, ये काफी हल्की एवं किफायती हैं और इनसे मकान में सीलन नहीं आती है। इन पर प्लस्तर का खर्चा भी कम होता है। आशीष ने अपने प्लांट में 7-8 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया है। इसके अन्य लोग भी अप्रत्यक्ष रूप से इस प्लांट से रोजगार पा रहे हैं।