स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयों के लिए सैंपल
लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग निजी मेडिकल स्टोर और सरकारी फार्मेसी में दवाइयों की गुणवत्ता को जांचने के समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है। मार्च माह में भी स्वास्थ्य विभाग ने हमीरपुर और नादौन के निजी मेडिकल स्टोर की दुकानों में दबिश देकर दवाइयों कै सैंपल लिए। इसके अलावा सरकारी फार्मेसी में भी दवाइयों के सैंपल लिए गए हैं। बता दें कि हमीरपुर में सरकारी फार्मेसी में 12 दवाइयों के और निजी मेडिकल स्टोर की दुकानों से 9 दवाइयों के सैंपल लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सैंपलों को ड्रग टैस्टिंग लैब बद्दी में जांच के लिए भेज दिया है। लोगों को गुणवत्ता पूर्ण दवाइयां उपलब्ध हों, इसके स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। गुणवत्ता में कमी पाए जाने के उपरांत संबंधित दवाई कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने जगह-जगह दबिश देकर दवाइयों के सैंपल भरे हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आगामी एक दो माह बाद आएगी। इसके बाद ही दवाइयों की गुणवत्ता का पता चलेगा। विभाग की मानें तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मेडिसिन स्टोर से 12 दवाइयों के सैंपल भरे गए हैं। इनमें पैरासिटामोल, एमोक्सीक्लेब व मेटरीडाजोल, एंटीबायोटिक, बुखार, कफ सिरप, एंटी एलर्जिक, और बीपी की दवाइंयां शामिल हैं। निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयों के नौ सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा नादौन में भी ड्रग इंस्पेक्टर आकांक्षा शर्मा ने ब्लॉक मेडिकल स्टोर में 11 दवाइयों के सैंपल भरे हैं। इनमें एंटीबायोटिक और कफ सिरप के साथ अन्य दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। हालांकि विभागीय टीम का सभी मेडिकल स्टोर मालिकों ने साथ दिया तथा दवाइयों के सैंपल भरवाए। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग निजी मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित दवाइयों को दबिश देकर नशे के कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता रहता है। इस दौरान मेडिकल स्टोर में बेची जाने वाली दवाइयों की जांच करने के लिए सैंपल लेकर जांच करवाता है। स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौतम ने बताया कि हमीरपुर और नादौन में निजी मेडिकल स्टोर और सरकारी फार्मेसी में दी जाने वाली दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के 32 दवाइयों के सैंपल लिए हैं। उन्होंने बताया कि इन सैंपलों को ड्रग टैस्टिंग लैब बद्दी में जांच के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन सैंपलों की रिपोर्ट एक दो महीने में आएगी। उन्होंने बताया कि यदि दवाइयों के सैंपल फेल पाए जाते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।